शेक्सपियर ———

कर्म में वाक् शक्ति होती है

अपराधी मन संदेहों का अड्डा है

आपत्तिकाल में हमारी ऐसे ऐसे लोगों से पहचान हो जाती है जो अन्यथा संभव नहीं

चिंता जीवन की शत्रु है

हर किसी की निंदा सुन लो लेकिन अपना फैसला गुप्त रखो

पछतावा हृदय की वेदना है और निर्मल जीवन का उदय

संक्षेप ही प्रतिभा का परिचय है

प्रसन्नचित्त व्यक्ति अधिक जीता है

शत्रु के लिए अपनी भट्टी इतनी गर्म न करो कि उसमे तुम स्वयं भून जाओ

भाग्य वैश्या ही तो है

जिव्हा के बिना भी अपराध बोलेगा

अपने विचारों को अपना कैदखाना न बनाओ

ईश्वर ने तुम्हे केवल एक चेहरा दिया पर दूसरा तुम स्वयं बना बैठे

वे कितने निर्धन हैं जिनके पास धैर्य नहीं

मधुर फूल धीरे धीरे उगते हैं घास जल्दी जल्दी

प्रेम सबसे करो ,विश्वास थोड़ों का

किसी विवश मनुष्य को कभी लालच न दो

विक्टर ह्युगो ——

बड़े दुःख ही आत्मा को बड़प्पन देते हैं

तीखे और कड़वे शब्द कमज़ोर पक्ष की निशानी है

सर्वोत्तम धर्म ? सहन शीलता

क्रांति सभ्यता की जननी है

कंजूस आदमी अँधा होता है क्योंकि वह धन के सिवा और किसी प्रकार की संपत्ति देख नहीं सकता

फ़िज़ूल खर्ची भी अँधा होता है क्योंकि वह सिर्फ आज देखता है कल नहीं

विद्वान अँधा होता है क्योंकि वह अपने ज्ञान को नहीं देख सकता क्योंकि वह अपने ज्ञान को नहीं देख सकता है

आपत्ति मनुष्य बनाती है और संपत्ति राक्षस

जीवन एक फूल है और प्रेप उसका मघु

सावधानी बुद्धिमत्ता की सबसे बड़ी संतान है

ज्यों ज्यों धन की थैली दान से खली होती है दिल का खजाना खुशियों से भरता जाता है

लोगों में बल की नहीं संकल्प शक्ति की कमी होती है

ख़ुशी को हम जितना लुटाएंगे वह उतनी ही अधिक हमारे पास आती रहेगी

बर्नार्ड शा———-

विचारों के युद्ध में पुस्तकें अस्त्र हैं

अपने लक्ष्य को कभी मत भूलो अन्यथा जो कुछ मिलेगा तुम उसीमे संतोष मानने  लगोगे

आज पढ़ना सब चाहते हैं पर क्या पढ़ना चाहिए यह कोई नहीं जानता

एक मिनिट देर से पहुँचाने की अपेक्षा तीन घंटे जल्दी पहुंचना अच्छा

संसार के  सारे महान सत्य पहले भरम के रूप में उत्पन्न हुए थे

झूठे की सजा यह नहीं कि कोई उसका विश्वास नहीं करता बल्कि यह है कि वह किसी का विश्वास नहीं कर सकता

निर्णय जल्दी कीजिये लेकिन देर तक सोचने के बाद

तिरस्कार का सर्वोत्तम उपाय है मौन

उड़ने की अपेक्षा जब तुम झुकते हो तो विवेक के अधिक निकट होते हो

काम उम्र के बच्चों के कच्चे दिमाग में किसी ख़ास किस्म के विश्वास को ठूंसना निकृष्टतम गर्भपात है

धर्म एक होता है हाँ उसके नुस्खे अनेक हैं

जीवन में दो स्थल सबसे अधिक कष्टकर होते हैं –एक तो इच्छाओं की पूर्ति हो जाना और दूसरा इच्छाओं का अपूर्ण रह जाना

मृत्यु ही वह वस्तु है जिससे मैं कायर की तरह डरता हूँ

खलील ज़िब्रान —-

ऐसे आदमी पर कभी विश्वास मत करो जो तुम्हारी तारीफ के पुल बाँध दे

अजीब बात है की सुख की चाह मेरे दुःख का एक कारण है

इच्छाओं का संगर्ष प्रकट करता है कि जीवन व्यवस्थित होना चाहता है

कितनी दयनीय है वह जाति जो आपसी मनमुटाव के कारण कई सम्प्रदायों में बँट चुकी है और हर सम्प्रदाय स्वयं को जाति मानने लगा है

सबसे अँधा है वह व्यक्ति जो अपनी जेब से दूसरे का अस्तित्व खरीदना चाहता है

जो निर्बलों पर दया नहीं करता उसे बलवानो के अत्याचार सहने होंगे

जब ज़िन्दगी को अपने दिल के गीत गाने के लिए कोई गायक नहीं मिलता तो वह अपने मन के विचार सुनाने के लिए दार्शनिक पैदा कर देती है

थोरो ——

पुराना कोट पहनो और नै पुस्तक खरीदो

एकांत से बढ़ कर योग्य कोई साथी नहीं

ऐसा कोई नहीं हुआ जिसने निष्ठापूर्वक प्रयास किया हो और किसी हद तक भी सफल न हुआ हो

स्वेत मोर्टन ——–

उत्साह और आशा से ही सब प्रकार का उत्पादन बढ़ता है

प्रसन्नता के मरहम से तन मन के घाव तुरंत भर जाते हैं

जब किसी काम को करने में आपने कुछ नहीं उठा रखा और वह फिर भी नहीं हुआ तो उसकी चिंता छोड़ दीजिये

हंसी जीवन का प्रभात है

निराशा की गोद में घुस कर आप कोई भी काम नहीं कर सकते

सबसे महान कलाकार वह है जो स्वयं को ही विषय बना ले

सबसे अच्छी पुस्तकें सबसे पहले पढ़ डालो अन्यथा हो सकता है तुम्हे पढने का समय ही न मिले

पुस्तक प्रेमी सबसे अधिक सुखी और धनी है

सबसे अटल नियम है कि जैसा हम सोचते हैं वैसा ही होता है

टॉलस्टॉय—–

चापलूस व्यक्ति सिर्फ इसलिए आपकी चापलूसी करता है क्योंकि वह आपको अयोग्य समझता है लेकिन आप उसके मुंह से अपनी प्रशंसा सुन कर फूले नहीं समाते

तुम एक व्यक्ति ओ आजीवन प्रेम करते रहोगे यह कहने के समान है कि एक मोमबत्ती तब तक जलती रहेगी जब तक तुम चाहोगे

जीवन है तो आनंद है परिश्रम है तो जीवन है

जिसकी नीयत अच्छी नहीं होती उसके हाथों कभी कोई महान कार्य संपन्न नहीं हो सकता

जिस तरह आग को आग नहीं बुझा सकती उसी तरह पाप पाप का शमन नहीं कर सकता

जब मैं स्वयं पर हँसता हूँ तो मेरा बोझ हलका हो जाता है —रवीन्द्रनाथ टैगोर

मनुष्य विवेक रखता है इसीलिए वह किसी के साथ पक्षपात और किसी के साथ अन्याय कर सकता है किन्तु प्रकृति तो विवेकहीन है वह न तो किसी के साथ पक्षपात करती है न अन्याय —रामसिंह भूचाल

वीणा के तार जब ढीले होते हैं और न कैसे ही जाते हैं तो संगीत पैदा होता है बहुत ढीले तार भी व्यर्थ हैं और बहुत कैसे भी ,जीवन में भी वाही बिंदु संयम का हो —-आचार्य रजनीश