Anger is the most important of passions,It effects nothing it goes about and hurts the one who is possessed by it more than the one against whom it is directed –Clarendon
A bachelor’s life is a splendid breakfast a tolerably flat dinner and a most miserable supper —-H.L.Mencken
Those who treats politics and morality apart will never understand the one or the other —John Morley
चलं चित्तं ,चलं वित्तं,चलै जीवन यौवने
चलाचले ही संसारे धर्म एको ही निश्चितः
जब मनुष्य पशु बन जाता है तो उसका व्यवहार पशु से भी बदतर हो जाता है
चिता चिंता द्वयोर्मध्ये ,चिंता नाम गरीयसी
चिता दहति निर्जीवं ,चिंता प्राणंयुतम् वपु
अजगाम यदा लक्ष्मीः
नारिकेल फलां बुवत
निर्जगाम यदा लक्ष्मी
गजभुक्त कपित्थवत
बहु भाषिणाम न श्रद्धाति लोकः —बाण “कादम्बरी”
सिवा जबकि मनुष्य का दिल गूंगा हो आसमान कभी बहरा नहीं होता —क्वार्ल्स
कागा काको धन हरत कोयल काकू देत
तुलसी मीठे वचन ते जग अपनों करी लेत
गुणों भूषयते रूपम,गुणों भूषयते कुलम
गुणों भूषयते विद्याम,गुणों भूषयते धनम्
ओ चिंता की पहली रेखा ,आरी विश्ववन की व्याली
ज्वालामुखी स्फोट के भीषण ,प्रथम कैंप सी मतवाली —प्रसाद
बना लो जहाँ हाँ वही स्वर्ग है ,स्वयंभूत थोड़ा हाँ कहीं स्वर्ग है
खलों को कहीं भी नहीं स्वर्ग है ,भालों के लिए तो यही स्वर्ग है
परोक्ष कार्य हन्तारम् प्रत्यक्षे प्रिय वादीनम
वर्जयते ता दृश्यम मित्रम विष कुम्भं पयो मुखं
क्षमा शास्त्रं करे यस्य दुर्जनः किम करिष्यति
अतृणे पतीतो वह्हि स्ययमेवोपशाम्यति
अयं निजः परोवेति गणना लघु चेतसाम्
उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम
चकर्वत परिवर्तन्ते सुखानी दुःखानिच
तेरी सत्ता के बिना हे प्रभु ! मंगल मूल
पत्ता तक हिलता नहीं ,खिलता कहीं न फूल
यद्भावी न तद्भावी भावी चेन्न तदन्यथा
इति चिंता विषहतो अयं गदः किन्न पीयते —-अर्थात —जो बात नहीं होनेवाली है वह कभी नहीं होगी 
और जो बात होनेवाली है उसे कोई रोक नहीं सकता इसलिए चिंता के विष को मारने वाली इस विचार
 रूपी औषधि को क्यों नहीं पीते
अक्षरीनो वित्ततः क्षीणः वत्ता तस्तु हतोहत —धन की हानि कोई विशेष महत्व नहीं रखती परन्तु चरित्र
 की हानि मनुष्य को समूल नष्ट कर देती है
कबीरा संगति साधु की हरै और की व्याधि
ओछ संगति नीच की आठों पहर उपाधि
कीटोअपि सुमनः संगति आरोहति सतां शिरः
जितने कष्ट कंटकों में है जिनका जीवन सुमन खिला
गौरव गंध उन्हें उतना ही यत्र तत्र सर्वत्र मिला
मैंने समय को नष्ट किया अब समय मुझे नष्ट कर रहा है —शेक्सपीयर
समय परिवर्तन का धन है परन्तु घडी उसका उपहास करती है उसे परिवर्तन के रूप में दिखाती है धन
 के रूप में नहीं
Whatever you do ,do it as a service to your Guru and for his sake Feel that you are
 enjoying the highest favour of the all Merciful Lord ,Rely completely on his Grace 
and whatever be the result of your action accept it most cheerfully as his dispensation
The Momery of creditors is better than that of the debtors —Benjamin Franklin
जब फ़ाख़्ता का कौओं से संयोग होता है तो उसके पर तो स्वेत रह जाते हैं परन्तु हृदय काला हो 
जाता है —जर्मन लोकोक्ति
Sickness and sorrows come and go but a superstitious souls have no rest
 –Robert Burton
अन्तः करण डरपोक होता है और जिन दोषों को रोकने की उसमे शक्ति नहीं होतीं अपराधी 
ठहराने की उसमे प्रायः न्यायबुद्धि भी नहीं होतीं —गोल्डस्मिथ
मन एव मनुष्याणाम् कारणम् बंध मोक्षयोः
बन्धाय विषय संगि मुक्तयै निर्विषयं मनः
है कहूँ तो है नहीं नहीं कहूँ तो है
है अरु नहीं के बीच में जो कछु है सो है
जो रहीम मन हाथ है माणसा कहो न जाय
ज्यों जल में छाया परत काया भींजत नाय
लटके रह कर जीना दुखदायी वस्तु है यह तो मकड़ी की जिंदगी है —स्विफ्ट
Error of opinion may be tolerated where reason is left free to combat it 
—homas Jefferson
There is no possession more precious than self control ,watch it ,therefore
 ,as you would watch your treasure —-Tiruvalluvar
A man sinks lower or rises higher through his own actions as the digger
 of a well or builder of a wall —-Hitopdesh
भगवान का भरोसा —–
श्री भुवनेश के पिता एक छोटे से ग्राम में अध्यापक थे,वे ईमानदार और परिश्रमी थे ,वे वहीँ के जमींदार 
के बालकों को पढ़ाते थे और भोजन भी उन्ही के यहाँ करते थे। एक छोटी सी बात पर जमींदार के
 परिवार से तनातनी हो गई और उस दिन उन्हें तीन बजे तक भोजन के लिए नहीं पूछा गया उन्होंने 
सोचा मेरा भरण पोषण जमीदार करता है अथवा ईश्वर ?और यह सोच कर सीढ़ियों से उतरने लगे कि
 अब अपमानित होकर इस घर का अन्न ग्रहण नहीं करूंगा ,वे सीढ़ियों से उतर ही रहे थे कि डाकिये ने 
उन्हें एक पत्र दिया जिसमे उनके वहां से स्थानांतरण का आदेश था। वे उसी दिन वहां से अपना सामान
 लेकर अपने नए स्थान की और चल दिए। भगवान का भरोसा रखने पर वह भक्त की हर बात का 
कितना
 ध्यान रखता है ,इसका उन्हें दृढ विश्वास हो गया !
The world is full of beauty as the world’s above and if you do your duty it might be
 full of love also —Geraid Massey