माँगा करेंगे अब से दुआ हम भी हिज़्र की ,
आखिर को दुश्मनी है असर को दुआ के साथ ! —-मोमिन
आखिर को दुश्मनी है असर को दुआ के साथ ! —-मोमिन
ये ठान ली है के जब तक वो कोसने देंगे
उठे रहेंगे मेरे हाथ भी दुआ के लिए !—दाग
उठे रहेंगे मेरे हाथ भी दुआ के लिए !—दाग
यही दिन हैं दुआ ले किसी के कल्बे मुज़तर से
जवानी आ नहीं सकती मेरे जां फिर नए सर से !—-अमीर मीनाई
जवानी आ नहीं सकती मेरे जां फिर नए सर से !—-अमीर मीनाई
जान तुम पर निसार करता हूँ
मैं नहीं जानता दुआ क्या है !——ग़ालिब
मैं नहीं जानता दुआ क्या है !——ग़ालिब
सब कुछ खुद से मांग लिया तुझको मांग कर
अब क्या उठेंगे हाथ मेरे इस दुआ के बाद !—–अनजान
अब क्या उठेंगे हाथ मेरे इस दुआ के बाद !—–अनजान
गिला लिखूं मैं और तेरी बेवफाई का
लहू में गर्क सफीना हो आशनाई का !—-सौदा
लहू में गर्क सफीना हो आशनाई का !—-सौदा
नाले ने तेरे बुलबुल नाम चश्म न की गुल की
फ़रियाद मेरी सुनकर सैयाद बहुत रोया !—सौदा
फ़रियाद मेरी सुनकर सैयाद बहुत रोया !—सौदा
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