कई लोग मुझसे अक्सर पूछते हैं
आपकी उम्र क्या है* ?
मैं उनसे कहती हूं - मैं इस दुरूह प्रश्न का उत्तर कैसे दूं?
जब मैं एक छोटे बच्चे के साथ खेलती हूं, तो मैं एक साल की होती हूं।
जब मैं संगीत की धुन पर नाचती हूं, या अपनी बचपन की सहेलियों के साथ हूं तो मैं स्वीट सिक्सटीन हूं।
हां, जब मैं किसी के घाव को भरने की कोशिश करती हूं, तो मुझे यकीन है कि मैंने अपने जीवन काल के छह दशक पार कर लिए हैं... गरिमा के साथ उम्र को अपना लिया है।
और जब मैं तितलियों, गौरैयों या बुलबुलों से बातें करती हूँ, या अपने पौधों के साथ काम करती हूं, तो मैं उनकी उम्र की हो जाती हूँ।
उम्र में क्या है? क्या यह सिर्फ दिमाग में नहीं है?
मैं समय के साथ और अपने अनुभवों के साथ बदलती रहती हूं ।
बदलते दिन और रात के साथ मैं भी बड़ी हो रही हूं।
बेशक, जब भी मेरा सूर्यास्त आएगा, मैं उसे थाम लूंगी और हमेशा के लिए चली जाऊंगी !!
तब तक यह मेरी उम्र मायने नहीं रखती है।
मायने यह रखता है कि मैं अब तक कितनी पूर्णता से जी पाई हूँ !
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