एक कथन मशहूर हुआ करता था पहले , दुनिया मेरी जेब में !
नन्हा सा मस्तिष्क समझ नहीं पाता था , कैसे ? इतनी बड़ी दुनिया एक छोटी सी जेब में ?
आज समझ में आ गया इसका सही मतलब ,
ये जो नन्हा सा मोबाईल है ,
क्या नहीं है इसमें !
ज्ञान का अथाह सागर और प्रत्येक प्रश्न का उत्तर !
तरह तरह के व्यंजन और उनकी रेसिपी भी
शब्दों में नहीं , अपितु प्रायोगिक रूपांतर ,
हमारा सारा लेन देन , बैंकिंग
केवल एक फ़िंगर टिप पर है निर्भर ,
कोई समाचार पत्र इतनी ताज़ी ख़बर तो न दे पाया कभी ,
इधर घटना , दुर्घटना घटी और उधर विस्तृत जानकारी का निरंतर निर्झर ,
नवीनतम हो या बाबा आदम ,
सटीक संपुष्ट जानकारी का यही है एकमात्र माध्यम ,
इसने बहुत कुछ सीखने सिखाने के दिए हैं अवसर ,
इसने दिया है मंच , लोगों को अभिव्यक्ति का ,
इसने जोड़ा है अपनों को , जो शायद खो ही जाते जीवन की आपाधापी में ,
WhatsApp पर अपनों के ग्रूप और , Facebook पर अनजानों से भी मित्रता का बोध , है न कितना विलक्षण ?
जुड़ गए हैं सभी अपने अपने विचारों के साथ ,
मत वैभिन्य नहीं रहा बहुत ,
इसीको आज हम कह रहे हैं ,
“ पॉवर ऑफ सोशल मीडिया “इसने दिखाए हैं बड़े बड़े चमत्कार “
किसी को अर्श से फ़र्श पर और किसी को फ़र्श से अर्श पर ,
अनाव्रत कर दिया है बरसों से देश के चोरों और लुटेरों को ,
सूरज की चमकीली धूप सा दिखाया है
सत्यनिष्ट और राष्ट्रवाद का दर्पण ,
खीर खानी है तो चावल तो बीनने पड़ेंगे,
कंकर मत खाओ ,खीर का आनंद उठाओ
समय परिवर्तनशील है प्रगतिशील है ,
कभी एक स्थान पर एक स्थिति में ठहरा नहीं रहता ,
प्रागैतिहासिक काल से आज तक ,मनुष्य की विलक्षण बुद्धि ने क्या क्या नहीं किए है चमत्कार ,
भूमंडल से सौरमंडल तक ,
किंतु मुझे तो सबसे प्यारा यही लगता है , छोटा सा , खिलौना सा , मेरा मोबाईल ,
इसके पास रहते कह सकते हैं हम ,
दुनिया मेरी जेब में !
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