नाना अजोबा ( श्री गोविंद रंगनाथ पेरलेकर )की सबसे बडी पुत्री जी जी का विवाह विपट परिवार मे हुआ था इनके तिन पुत्र व एक पुत्री (सर्व श्री केशव राव ,दिनकर ,पुरुषोत्तम व शकणी ) मे से केशव,दिनकर,पुरुषोत्तम का निधन हो चुका है इनके परिवार मे अब हरिभाऊ व अन्य भाई है जो उन्हेल मे रहते है पुरुषोत्तम का बेटा बेटमा के स्कूल मे था अब रिटायर हो गया होगा उनकी बेटियाँ सौ.अलका पोळ ,व सौ.काटे पुणे मे रहती है
विपट परिवार के कजिन उन्हेल मे है जिनका एक बेटा वकील है व एक भाजपा नगर अध्यक्ष उन्हैल है
अविनाश वीपट , पुरूषोत्तम विपट विधायक जी के पुत्र है उन्होंने फ़ेसबुक पर पोस्ट डाली है कि भतीजे का विवाह हुआ है ।॥
हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ और मैंने अपने पति श्री शम्भू शंकर सिन्हा के साथ वहां जाने का निश्चय किया तब चचेरे भाई दीपक पेरलेकर से ज्ञात हुआ कि वहां शरयु तट पर स्थित कालेराम मंदिर में दादा जी श्री गोविंद पेरलेकर तथा दादी श्रीमती सरस्वती पेरलेकर को भी श्रेय है ,जब बाबर ने राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाई तो कालेराम की मूर्ति जिसमे एक शिला में राम लक्ष्मण भारत शत्रुघ्न तथा सीता हैं ,शरयु में वहीँ के पंडितों द्वारा प्रवाहित कर दी गई ,वर्षों बाद एक संत की दृष्टि उस पर पड़ी और उसका पुनर्स्थापन विक्रमादित्य के द्वारा हुआ। दीपक के पिता भी समय समय पर उसमे आर्थिक सहयोग देते रहे अतः पेरलेकर वहां के संचालक के लिए सम्माननीय नाम है। यह मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित है। पूर्व के पंडित जी के निधन पर अब यह संचालन उनके पुत्र श्री राघवेंद्र देशपांडे द्वारा किया जा रहा है। कुछ कमरों का धर्मशाला के रूप में निर्माण किया जा रहा है। राम मंदिर बनने से इस मंदिर के काय कल्प के द्वार भी खुल गए हैं
जानाई देवी पेरलेकर परिवार की भी कुल देवी है ,मंदीर सातारा के पास पेरले गांव मे है
महाराष्ट्र के पास पहाडी पर कुळस्वामी का मूल स्थान मंदीर है जो दख्खन का राजा नाम से जाना जाता है यहा थोडा निचे की ओर यमाई देविका मंदीर है जो ज्योतीबा की बहन मानी जाती है ,जब वहा राक्षसो का आतंक था तब यमाई ने ज्योतिबा कोभाई कहकर मदद के लिए पुकारा था व ज्योतिबा उत्तर से दक्षिण मे यहा ज्योती के रुप मे प्रकट हूए ,इस कारण आरती मे उल्लेख है की उत्तरे चा देव दक्षिणी आला व दक्षिण केदार नाम पावला
पेरलेकर परिवार मे खण्डोबा का नवरात्र है व होलकरो के यहा भी रहता है जो चंपाष्ठी पर समाप्त होता है ,राजवाडे मे मल्हारी मार्तड (खण्डोबा ) का मंदीर है
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