There were already three passengers sitting at the back seat so Samantha was sitting near Bheema, Bheema kept her luggage in the boot.Samantha asked about haveli’s horrifying incidents He then described her how Shamu was whipped and died then and there, how was he burnt then and there, how Arabian horse was neighing continuously and he died just after the death of Shamu. Shamus’s ashes were sprinkled around the Haveli and Raja was also buried there and on the third day Kavita didi committed suicide she hanged her self on tower clock . Her funeral also done hastily. And after that the Haveli became haunted.” No “ Samantha screamed “ I don’t believe “ “But you have to believe” Kamini Devi has gone mad and now in Asylum, Chandan Chaudhary Singh is arrested and now in District jail. Kalyan Singh and all the workers has to run hastily together because the house is really haunted. Samantha was thinking deeply she couldn’t believe just in very few days in her absence a house blessed with happiness turned into a horrible haunted house. Till that time the taxi reached to the missionaries colony and the taxi stopped, Samantha got down and Bheema too, he took out her luggage,Samantha gave him money and moved towards her home. ——- Continued——-
Lekhika
Me : Nirupama Sinha, M.A.{ Psychology } B.Ed.
मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts
- nirupamalekhika.blogspot.com
- I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.
बुधवार, 5 अगस्त 2026
मंगलवार, 4 अगस्त 2026
Dharma & Darshan : Mahamrityunjay Mantra : Rajendra ki kalam se !!
|| महा मृत्युंजय मंत्र |
" ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!"
महा मृत्युंजय मंत्र का अर्थ || समस्त संसार के पालनहार, तीन नेत्र वाले शिव की हम अराधना करते हैं। विश्व में सुरभि फैलाने वाले भगवान शिव मृत्यु न कि मोक्ष से हमें मुक्ति दिलाएं।
महामृत्युंजय मंत्र के वर्णो (अक्षरों) का अर्थ महामृत्युंघजय मंत्र के वर्ण पद वाक्यक चरण आधी ऋचा और सम्पुतर्ण ऋचा-इन छ: अंगों के अलग-अलग अभिप्राय हैं।
ओम त्र्यंबकम् मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि वशिष्ठर के अनुसार 33 देवताआं के घोतक हैं। उन तैंतीस देवताओं में 8 वसु 11 रुद्र और 12 आदित्यठ 1 प्रजापति तथा 1 षटकार हैं। इन तैंतीस देवताओं की सम्पूर्ण शक्तियाँ महामृत्युंजय मंत्र से निहीत होती है जिससे महा महामृत्युंजय का पाठ करने वाला प्राणी दीर्घायु तो प्राप्त करता ही हैं। साथ ही वह नीरोग, ऐश्वर्य युक्ता धनवान भी होता है। महामृत्युंरजय का पाठ करने वाला प्राणी हर दृष्टि से सुखी एवम समृध्दिशाली होता है। भगवान शिव की अमृतमययी कृपा उस निरन्तंर बरसती रहती है।
त्रि – ध्रववसु प्राण का घोतक है जो सिर में स्थित है।
यम – अध्ववरसु प्राण का घोतक है, जो मुख में स्थित है।
ब – सोम वसु शक्ति का घोतक है, जो दक्षिण कर्ण में स्थित है।
कम – जल वसु देवता का घोतक है, जो वाम कर्ण में स्थित है।
य – वायु वसु का घोतक है, जो दक्षिण बाहु में स्थित है।
जा- अग्नि वसु का घोतक है, जो बाम बाहु में स्थित है।
म – प्रत्युवष वसु शक्ति का घोतक है, जो दक्षिण बाहु के मध्य में स्थित है।
हे – प्रयास वसु मणिबन्धत में स्थित है।
सु वीरभद्र रुद्र प्राण का बोधक है। दक्षिण हस्त के अंगुलि के मुल में स्थित है।
ग शुम्भ् रुद्र का घोतक है दक्षिणहस्त् अंगुलि के अग्र भाग में स्थित है।
न्धिम् -गिरीश रुद्र शक्ति का मुल घोतक है। बायें हाथ के मूल में स्थित है।
पु अजैक पात रुद्र शक्ति का घोतक है। बाम हस्तह के मध्य भाग में स्थित है।
ष्टि – अहर्बुध्य्त् रुद्र का घोतक है, बाम हस्त के मणिबन्धा में स्थित है।
व – पिनाकी रुद्र प्राण का घोतक है। बायें हाथ की अंगुलि के मुल में स्थित है।
र्ध – भवानीश्वपर रुद्र का घोतक है, बाम हस्त अंगुलि के अग्र भाग में स्थित है।
नम् – कपाली रुद्र का घोतक है। उरु मूल में स्थित है।
उ दिक्पति रुद्र का घोतक है। यक्ष जानु में स्थित है।
र्वा – स्था णु रुद्र का घोतक है जो यक्ष गुल्फ् में स्थित है।
रु – भर्ग रुद्र का घोतक है, जो चक्ष पादांगुलि मूल में स्थित है।
क – धाता आदित्यद का घोतक है जो यक्ष पादांगुलियों के अग्र भाग में स्थित है।
मि – अर्यमा आदित्यद का घोतक है जो वाम उरु मूल में स्थित है।
व – मित्र आदित्यद का घोतक है जो वाम जानु में स्थित है।
ब – वरुणादित्या का बोधक है जो वाम गुल्फा में स्थित है।
न्धा – अंशु आदित्यद का घोतक है। वाम पादंगुलि के मुल में स्थित है।
नात् – भगादित्यअ का बोधक है। वाम पैर की अंगुलियों के अग्रभाग में स्थित है।
मृ – विवस्व्न (सुर्य) का घोतक है जो दक्ष पार्श्वि में स्थित है।
र्त्यो् – दन्दाददित्य् का बोधक है। वाम पार्श्वि भाग में स्थित है।
मु – पूषादित्यं का बोधक है। पृष्ठै भगा में स्थित है।
क्षी – पर्जन्य् आदित्यय का घोतक है। नाभि स्थिल में स्थित है।
य – त्वणष्टान आदित्यध का बोधक है। गुहय भाग में स्थित है।
मां – विष्णुय आदित्यय का घोतक है यह शक्ति स्व्रुप दोनों भुजाओं में स्थित है।
मृ – प्रजापति का घोतक है जो कंठ भाग में स्थित है।
तात् – अमित वषट्कार का घोतक है जो हदय प्रदेश में स्थित है।
उपर वर्णन किये स्थानों पर उपरोक्तध देवता, वसु आदित्य आदि अपनी सम्पुर्ण शक्तियों सहित विराजत हैं। जो प्राणी श्रध्दा सहित महामृत्युजय मंत्र का पाठ करता है उसके शरीर के अंग – अंग (जहां के जो देवता या वसु अथवा आदित्यप हैं) उनकी रक्षा होती है।
मंत्रगत पदों की शक्तियाँ जिस प्रकार मंत्रा में अलग अलग वर्णो (अक्षरों) की शक्तियाँ हैं। उसी प्रकार अलग – अल पदों की भी शक्तियाँ है।
त्र्यम्बकम् – त्रैलोक्यक शक्ति का बोध कराता है जो सिर में स्थित है।
यजा- सुगन्धात शक्ति का घोतक है जो ललाट में स्थित है।
महे- माया शक्ति का द्योतक है जो कानों में स्थित है।
सुगन्धिम् – सुगन्धि शक्ति का द्योतक है जो नासिका (नाक) में स्थित है।
पुष्टि – पुरन्दिरी शकित का द्योतक है जो मुख में स्थित है।
वर्धनम – वंशकरी शक्ति का द्योतक है जो कंठ में स्थित है।
उर्वा – ऊर्ध्देक शक्ति का द्योतक है जो ह्रदय में स्थित है।
रुक – रुक्तदवती शक्ति का द्योतक है जो नाभि में स्थित है।
मिव रुक्मावती शक्ति का बोध कराता है जो कटि भाग में स्थित है।
बन्धानात् – बर्बरी शक्ति का द्योतक है जो गुह्य भाग में स्थित है।
मृत्यो: – मन्त्र्वती शक्ति का द्योतक है जो उरुव्दंय में स्थित है।
मुक्षीय – मुक्तिकरी शक्तिक का द्योतक है जो जानुव्दओय में स्थित है।
मा – माशकिक्तत सहित महाकालेश का बोधक है जो दोंनों जंघाओ में स्थित है।
अमृतात – अमृतवती शक्तिका द्योतक है जो पैरो के तलुओं में स्थित है।
महामृत्युजय प्रयोग के लाभ
कलौकलिमल ध्वंयस सर्वपाप हरं शिवम्।
येर्चयन्ति नरा नित्यं तेपिवन्द्या यथा शिवम्।।
स्वयं यजनित चद्देव मुत्तेमा स्द्गरात्मवजै:।
मध्यचमा ये भवेद मृत्यैतरधमा साधन क्रिया।।
देव पूजा विहीनो य: स नरा नरकं व्रजेत।
यदा कथंचिद् देवार्चा विधेया श्रध्दायान्वित।।
जन्मचतारात्र्यौ रगोन्मृदत्युतच्चैरव विनाशयेत्।
कलियुग में केवल शिवजी की पूजा फल देने वाली है। समस्तं पापं एवं दु:ख भय शोक आदि का हरण करने के लिए महामृत्युजय की विधि ही श्रेष्ठ है। निम्निलिखित प्रयोजनों में महामृत्युजंय का पाठ करना महान लाभकारी एवं कल्याणकारी होता है।
#लघु_महामृत्युंजय_मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक शक्तिशाली मंत्र है, जिसका संक्षिप्त रूप है:
"ॐ जूं सः माम् पालय पालय सः जूं ॐ।"
इसे दुर्घटनाओं से बचने, स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने और जीवन में सुरक्षा पाने के लिए जपा जाता है, जिसके लिए अक्सर 'ॐ हौं जूं सः' जैसे बीज मंत्रों का प्रयोग किया जाता है।
लघु महामृत्युंजय मंत्र (#बीज_मंत्र_सहित)
मूल लघु मंत्र: ॐ जूं सः माम् पालय पालय सः जूं ॐ।
#सम्पुटयुक्त (सुरक्षा के लिए):
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ।
#जप_विधि और #महत्व
जप संख्या: इसे सामान्यतः 108 बार (एक माला) या अधिक बार जपा जाता है, खासकर सोमवार से शुरू करना शुभ माना जाता है।
अर्पण: जप के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।
लाभ: यह मंत्र जीवन की बाधाओं, दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से रक्षा करता है, और आपको मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाता है।
अन्य के लिए: किसी और के लिए जप करते समय, 'सः' के स्थान पर उस व्यक्ति का नाम बोल सकते हैं।
Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(116)
The flight landed right time to Bombay Airport, she didn’t need to bother as in connecting flights airport management shifts luggage and passengers need to wait for maximum one hour at the airport to board the another local flight. Samantha was also sitting with other passengers. A lady sitting near her said “ Namaste “ Samantha looked at her, she said I know you, I am also from your village. Samantha smiled . She said “ Do you know about the horrifying incident happened in the Chandan Singh’s Haveli ? Samantha surprised “ What ? “ When the lady described all the incidents one by one Samantha shivered , she couldn’t believe that A gentleman like Chandan Singh Chaudhary could do such thing. Kavita and Shamus’s innocent faces flashed through her mind she was feeling so sorry for their such painful deaths she made the sign of holy cross. Closed her eyes and prayed for their souls. They heard the announcement to board the plane.The lady was with her husband, Samantha couldn’t even ask her name and they reached to their seats quite distant to each other. The Plane took off soon and within an hour landed to the recently built airport. They got busy collecting luggage. Samantha came out of the airport and hired a taxi. It was Bheema’’s taxi. He knew Samantha, he wished her. ———- Continued——
सोमवार, 3 अगस्त 2026
Limited Edition !! Marathi!!
किती सुंदर उत्तर!
दोन "पिढ्या" मधील तुलना....... प्रत्येकाने जरूर वाचा
एका तरुणाने त्याच्या वडिलांना विचारले:
"तुम्ही लोक आधी कसे जगत होता? हो??
तंत्रज्ञानात प्रवेश नाही
विमाने नाहीत
इंटरनेट नाही
संगणक नाहीत
नाटके नाहीत
टीव्ही नाहीत
सिनेमा नाही
हवाई बाधक नाहीत
गाड्या नाहीत
मोबाईल फोन नाहीत?"
त्याच्या वडिलांनी उत्तर दिले:
"आजची तुमची पिढी कशी जगत आहे त्याप्रमाणे -
भक्ती नाही
ज्ञान नाही
संत माहित नाहीत
ग्रंथ माहित नाहीत
शांती नाही
संयम नाही
धर्मनिष्ठा नाही
कुळधर्म-कुळाचार नाही
प्रार्थना नाहीत
शाकाहार नाही
सण-उत्सव नाही
करुणा नाही
सन्मान नाही
आदर नाही
आदर्श नाहीत
वर्ण नाही
लाज नाही
नातीगोती नाहीत
नम्रता नाही
आरोग्यभान
वेळेचे नियोजन नाही
खेळ नाही
वाचन नाही
सेवा भाव नाही"
आम्ही, 1940-1980 दरम्यान जन्मलेले लोक धन्य आहोत. आमचे जीवन एक जिवंत पुरावा आहे:
खेळताना आणि सायकल चालवताना आम्ही कधीही हेल्मेट घातले नाही.
शाळा सुटल्यावर संध्याकाळपर्यंत खेळायचो. आम्ही कधीच टीव्ही पाहिला नाही.
आम्ही इंटरनेट मित्रांसोबत नाही तर खऱ्या मित्रांसोबत खेळलो.
आम्हाला कधी तहान लागली तर आम्ही नळाचे पाणी प्यायलो बाटलीचे पाणी नाही.
आम्ही कधीही आजारी पडलो नाही, तरीही आम्ही चार मित्रांसोबत एकच ग्लास ज्यूस शेअर करायचो.
आम्ही रोज भरपूर भात खात असलो तरी आमचे वजन कधीच वाढले नाही.
अनवाणी पायी फिरूनही आमच्या पायाला काही लागले नाही.
आमच्या आई आणि वडिलांनी आम्हाला निरोगी ठेवण्यासाठी कधीही कोणत्याही सप्लिमेंट्सचा वापर केला नाही.
आम्ही स्वतःची खेळणी तयार करायचो आणि त्यांच्याशी खेळायचो.
आमचे आई वडील श्रीमंत नव्हते. त्यांनी आम्हाला प्रेम दिले, सांसारिक साहित्य नाही.
आमच्याकडे सेलफोन, डीव्हीडी, प्ले स्टेशन, एक्सबॉक्स, व्हिडिओ गेम्स, पर्सनल कॉम्प्युटर, इंटरनेट चॅट कधीच नव्हते - पण आमचे खरे मित्र होते.
आम्ही आमच्या मित्रांच्या घरी विनानिमंत्रित गेलो आणि त्यांच्यासोबत जेवणाचा आस्वाद घेतला.
तुमच्या जगाच्या विपरीत, आमचे जवळ जवळ राहणारे नातेवाईक होते त्यामुळे कौटुंबिक वेळ आणि नातेसंबंध एकत्र आनंदात होते.
आपण ब्लॅक अँड व्हाईट फोटोंमध्ये असू शकतो पण त्या फोटोंमध्ये तुम्हाला रंगीबेरंगी आठवणी सापडतील.
आम्ही एक अद्वितीय आणि, सर्वात समजूतदार पिढी आहोत, कारण आम्ही शेवटची पिढी आहोत ज्यांनी त्यांच्या पालकांचे ऐकले.
तसेच, प्रथम ज्यांना त्यांच्या मुलांचे ऐकावे लागले.
आणि आम्ही तेच आहोत जे अजूनही हुशार आहोत आणि तुमच्या वयात असताना कधीही अस्तित्वात नसलेले तंत्रज्ञान वापरण्यासाठी आता तुम्हाला मदत करत आहोत!!!
*शेवटी गेले ते दिवस राहिल्या त्या आठवणी*
Dharavahik upanyas Bhoot- Adbhut!(115)
After a long process of check in and severity check ,Samantha was sitting on the bench in front of the gate she had to enter for her flight. She was. Concentrating on the announcements. After about forty five minutes the passengers were asked to make queue for boarding. All reached at the entrance of the plane. One air hostess was welcoming them.One air hostess was guiding them towards their seats. Samantha was feeling hungry she had have just one sandwich at lunch time. She then thought about her own home a small one BHK flat in that missionary colony and she was living a satisfying life there. India is a country where no one sleeps hungry. Evan a poor man can earn enough to buy food for himself. The plane took off on time and within ten minutes, the crew members brought the food trolley, and giving food to everyone by asking their choice. Samantha also took sufficient food and enjoyed it. She then slept. She knew it will take about eight hours to reach Bombay and then she had to catch the local flight for the district place, the airport was built recently there. Life is a journey Samantha thought, Father - Devid Jones had completed his journey and Samantha Jones is still in the journey. She couldn’t understand she was dreaming or thinking. ——- Continued ——-
Amazing elder!!
*EDGAR'S PARTY
Edgar, a 96-year-old man, says to his son:
- Baby... (the child is 62).
- Yes, Dad! Tell me.
- I want to have a get-together with my friends and I'd like you to help me organize it.
- Sure, Dad. Don't worry, I'll help.
- Help me with what?
- The party, Dad!!!
- Ohhh yes!!! I'd already forgotten!
That afternoon, the son calls his father into the kitchen and shows him a sheet of paper stuck to the refrigerator, instructing him.
1st - Serve coffee.
2nd - Serve sandwiches.
3rd - Serve soft drinks and beverages.
4th - Serve the cake.
- Excellent. Now I won't have any more problems.
- Thank you, my son!
That afternoon, the friends arrived. None of them were under 80.
Edgar, a good host, shows them the dining room and goes to the kitchen.
And reads:
1st - Serve coffee.
And he brings coffee to his friends.
After a while of talking, Edgar, nervous, goes to the kitchen and reads again:
1st - Serve coffee.
And he pours more coffee for them...
It went on like this, four times.
Finally, the friends leave.
One of them whispers to the other as they leave the building:
"Tito, did you notice? What a terrible host Edgar is... He didn't even give us coffee!!!"
Tito replies:
"Edgar? What are you talking about?"
That night, Edgar's son returns to his father's house and is surprised to see that the sandwiches, drinks, and cake are untouched. He asks his father:
"Dad. What happened?"
* Edgar replies:
"My son, you won't believe it!" Those idiots didn't come...
Moral of the story:
- *LET'S MEET NOW, WHILE WE STILL REMEMBER AND RECOGNIZE EACH OTHER...*
*HAPPY ACCUMULATED YOUTH DAY*
A friend just sent it to me, but I don't remember who.
रविवार, 2 अगस्त 2026
Amazing !! Marathi ( Paan )
हे तर आक्रित च आहे.
******************
निसर्गाच्या सानिध्यात पानांना समजून घेण्यासाठी.
पानं.
काही पानं खुडायची असतात. (चहा)
काही पानं वाढायची असतात. (केळी)
काही पानं चिरायची असतात. (कोथिंबीर)
काही पानं शिजवायची असतात.
(पालक, मेथी)
काही पानं तळायची असतात.
(अळू, कढीपत्ता)
काही पानं खायची व रंगवायची असतात.
(नागवेल, विडा)
काही पानं कुटायची असतात.(पुदिना)
काही पानं लुटायची असतात.(आपटा)
काही पानं पुरायची असतात.
(पालापाचोळा कंपोस्ट)
काही पानं जपायची असतात.(पिंपळ)
काही पानं तोरणात सजवायची असतात.(आंबा)
काही पानं केसांत माळायची असतात.(केवडा)
काही पान वाहायची असतात. (बेल)
काही पानं मानाची असतात.(नागवेली)
काही पानं खमंग फोडणी साठी असतात.
(कढीपत्ता)
काही पानं शेवटी सोबती येतात.(कडबा)
काही पानं हातावर रंगवण्यासाठी असतात.(मेंदी)
काही पानं नैवेद्याच्या परिपूर्णते साठी असतात.(तुळस)
काही पानं फक्त स्वादासाठी असतात.(पुदिना)
काही पानं मसाल्यासाठी असतात.
(तेजपत्ता/तमालपत्र)
काही पानं सुशोभिकरणासाठी असतात.
(नारळाच्या झावळ्या,केळीची पाने)
काही पानं पत्रावळी बनविण्यासाठी असतात.(पळस)
काही पानं तल्लफ भागविणारी असतात.(तंबाखू)
काही पानं सत्यनारायण पूजे साठी उपयुक्त असतात.(कर्दळी)
काही पानं गणपतीला आवडतात.(आघाडा,हराळी)
काही पानं जेवण बनवण्यासाठी असतात. (केळी,फणस)
आणि आपल्यासाठी
काही पानं भरायची असतात.(वही)
काही पानं खेळायची असतात (पत्ते)
काही पानं जोडायची असतात. (पुरवणी)
काही पानं लपवायची असतात. (प्रगती पुस्तक !)
काही पान तोंडाला पुसायची असतात. (आश्वासन)
काही पानं उलटायची असतात.(भूतकाळ/ दुःखाचे क्षण)
तर काही नवीन पानं उघडायची असतात.(उद्याची आशा/भविष्यकाळ)
*थोडक्यात काय, तर पानोपानी आनंदी आनंद..* .!
Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(117)
There were already three passengers sitting at the back seat so Samantha was sitting near Bheema, Bheema kept her luggage in the boot.Samant...
Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!
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वर्णनामार्थ सन्धानां रसानां छंद सामपि मंगला नाम कर्तारौ वनडे वाणी विनायकौ भवानी शंकरौ वंदे श्रद्धा विश्वास रुचिनौ याभ्यां विना न पश्...
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*अलक* => *अति लघु कथा* अलक..१. आईच्या नावे असलेली जागा आपल्या नावावर करून घेण्याची सुप्त इच्छा मनात धरून आईच्या ताब्यासाठी दोन भाऊ ...
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गंगा सिंधु सरस्वतीच यमुना गोदावरी नर्मदा कावेरी शरयू ,महेन्द्र तनया चर्मण्वती वेदिका क्षिप्रा वैत्रवती महासुरनदि ख्याता जया गंडकी पूर...