जब मम्मी का ट्रांसफर मंदसौर हुआ तो अन्ना के हाथ पांव फूल गए,अन्ना सफ़र से कतराने वाले एक मासूम से व्यक्ति थे.अन्ना ने मुझे और मम्मी को अशोक के साथ भेज दिया.मंदसौर में नयी आबादी में हमने पहले जो मकान किराये पर लिया उसका पूरा निर्माण भी नहीं हुआ था.और वह जगह कमरा भी नहीं कही जा सकती थी.खिड़कियों और दरवाजो के पल्ले भी नहीं लगे ठेफर्ष था और ईंटों से चुनी दीवारें थी.---------क्रमशः -----
मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts
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good.
जवाब देंहटाएंThanks with sorry after six months !
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