डॉ भक्ति यादव — एक वंदनीय व्यक्तित्व !!
आज प्रातः व्हाट्स एप्प पर एक फ़ॉर्वर्डेड मैसेज पढ़ा और यादों के आवरण को उतार कर एक मीठी सी याद सामने आयी ,अवसर था मेरी माँ श्रीमती लीला पेरलेकर की तृतीय प्रसूति के समय का,सात वर्षों के अंतराल पर हम दो बहनो के जन्म के बाद अगले सात वर्षों के अंतराल पर जिस डॉक्टर के क्लिनिक में मेरे भाई का जन्म हुआ वो नाम था भक्ति यादव का. क्योंकि यही वो नाम था जो महिला प्रसूति के लिए इंदौर में विशेषज्ञ के रूप में लिया जाता था , डॉक्टर वेद प्रताप वैदिक के इस लेख में लिखा है कि इंदौर की डॉक्टर भक्ति यादव आज ९१ वर्षों की हैं और उन्होंने अपने जीवन के पिछले ६७-६८ वर्षों में १ लाख से अधिक प्रसव करवाये होंगे वो भी मुफ्त ये महिलाएं मजदूर इलाके की होती हैं ,उन्हें पता होता है की उन्हें कोई फीस नहीं देनी है ,और जब बड़े अस्पताल नकार देते हैं तो वे डॉक्टर भक्ति यादव की शरण में आ जाती हैं, १९४७ में इंदौर मेडिकल कॉलेज की वे पहली एक मात्र लड़की थीं। वे पिछले १५-१६ वर्षों से इंदौर की क्लर्क कॉलोनी में अपने क्लीनिक में मुफ्त इलाज कर रही हैं वे प्रयास रत रहती हैं की कठिन केस को भी बिना शल्य क्रिया के सफलता पूर्ण तरीके से कर पाएं पिता विनायक कवीश्वर तथा भाई गजानन कवीश्वर की प्रेरणा से वे डॉक्टर बनी,यह बात उन्होंने स्वयं डॉक्टर वेद प्रताप वैदिक को साक्षात्कार में बताई,जो दोनों अपने समय के इंदौर के विद्वानो में गिने जाते थे। धन्य है ऐसी डॉक्टर जिसने अपने कार्य को भक्ति और साधना का रूप दिया ,और इंदौर को गर्वोन्नत किया !!
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