मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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सोमवार, 22 फ़रवरी 2016

Hamsafar !!

हमसफ़र !!
दस बरस पहले आयी थी तुम,
मेरे आँगन में,
लाल रंग में तुम्हारा वह रूप बहुत भाया था हमें
इन बीते बरसों में ,मुझे याद नहीं
कभी भी तुमसे हमें ज़रा सी भी तकलीफ हुई हो
तुम अपने साथ ,सहेज कर ले आईं थीं ,
मेरे नन्हे नौनिहाल को
तुम्हारे हमारे साथ के ,
जाने कितने हैं प्यारे प्यारे पल
लेकिन कभी नहीं भुला सकता कल
जब हमने ले जाकर तुम्हे छोड़ दिया था
किसी ऐसी जगह
जहाँ ,मालूम था हमें तुम्हारा अंजाम
तुम्हे,तुम्हारे वजूद को कुचल कर
ख़त्म कर दिया जायेगा
भारी कदमों से लौट आये हम दोनों पति पत्नी
खाली खाली सा था कुछ दिल के कोने में
आँखों में दोनों के थे ,ठहरे हुए आंसूं
तुम हमेशा रहोगी हम सब के दिलों में
अपनी मीठी यादों के साथ
ओ मेरी प्यारी माइक्रा कार
कोई विकल्प नहीं था हमारे पास !!

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