इल्तज़ा -----
सिर्फ मैंने ही नहीं,
तुमने, हम सबने उसे देखा है ,
बल्कि रोज़ ही देखते हैं ,
अपने आसपास ,
किसी ने किया नहीं है उसे मुक़र्रर ,
किसी मुलाज़िम की तौर ,
लेकिन बाखूबी अदा करता है,
बिन चुके वो अपने फ़र्ज़ ,
हम सो रहे होते हैं गहरी नींद ,
वो मुस्तैद होता है आपके ठौर
आपके बिना कहे,आपके बिना जाने करता है ,
आपके माल - ओ - असबाब की रखवाली ,
उसे उम्मीद होती है थोड़ी सी आपसे ,
क्या उसका उम्मीद रखना नाजायज़ है ,
वह नहीं मांगता आपसे ,आपकी धन दौलत ,
आपकी जायदाद,
लेकिन क्या वह हक़दार नहीं,
बची हुई रोटी का ,बोटी का ,
मेरी इल्तज़ा है आप सब से
ज़रा गौर फरमाएं मेरी बात पर
कि उसका हक़ उसे अता फरमाएं
ऊपरवाला देख रहा है
बड़ा मिलेगा सवाब,
वो है आपका " स्ट्रीट डॉग " !!
सिर्फ मैंने ही नहीं,
तुमने, हम सबने उसे देखा है ,
बल्कि रोज़ ही देखते हैं ,
अपने आसपास ,
किसी ने किया नहीं है उसे मुक़र्रर ,
किसी मुलाज़िम की तौर ,
लेकिन बाखूबी अदा करता है,
बिन चुके वो अपने फ़र्ज़ ,
हम सो रहे होते हैं गहरी नींद ,
वो मुस्तैद होता है आपके ठौर
आपके बिना कहे,आपके बिना जाने करता है ,
आपके माल - ओ - असबाब की रखवाली ,
उसे उम्मीद होती है थोड़ी सी आपसे ,
क्या उसका उम्मीद रखना नाजायज़ है ,
वह नहीं मांगता आपसे ,आपकी धन दौलत ,
आपकी जायदाद,
लेकिन क्या वह हक़दार नहीं,
बची हुई रोटी का ,बोटी का ,
मेरी इल्तज़ा है आप सब से
ज़रा गौर फरमाएं मेरी बात पर
कि उसका हक़ उसे अता फरमाएं
ऊपरवाला देख रहा है
बड़ा मिलेगा सवाब,
वो है आपका " स्ट्रीट डॉग " !!
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