मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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शुक्रवार, 23 सितंबर 2016

Do Pahalu !!

हर सिक्के के दो पहलू होते,जरुरी दोनों की पहचान
इक पहलू से बात बने ना,जब तक दूजे को ना ले जान
समझदार हैं सारे जन,जिनको तकनीकी का ज्ञान
क्या सच है और झूठ है कितना ,शातिर कौन और कौन नादान
इक का घाटा दूजे का लाभ,एक का नफा दूजे का नुकसान
एक का गम ,दूजे की ख़ुशी, इक की उदासी दूजे की मुस्कान
इक युवा हो , और हो यदि दूजे के जीवन का समीप अवसान
इक की डूब रही हो आशा ,दूजे के जाग रहे अरमान
ऊपर वाला देख रहा है,पाओगे वही जिसका चुकाओगे दाम
हिसाब किताब में फिट्टुस है वो,बैठ रहा सातवें आसमान
उससे कोई बात छुपे ना,हज़ार आँखें ,हज़ार हैं कान
उसके न्याय की बात निराली,उसका न्याय मिले बेदाम !

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