मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2016

Wajood Se : Siyasat !!

एक शतरंज का खेल है सियासत,
हर सियासतदां ,है खिलाडी,
छुपती नहीं है जिसकी,शान- ओ – शौकत,
आईने हैं सभी ,एक दूसरे के,
लगाते रहते हैं आपस में फ़िज़ूल की तोहमत,
करते हैं खिलाफत,दिखाते हैं रकाबत,
कई कई नकाबों से ढके होते हैं चेहरे ,
जब उलटती है नकाब तो होती है हैरत,
सौदागर हैं ये नायाब,
लूटते रहते हैं मुल्क की दौलत,
कोई मायने नहीं रखती इनको,
गरीब की मुश्किल,शहीद की शहादत,
क्यों कि अवाम की रिआया ही तो हैं मोहरे,
जिन्हें वे बनाए रखते हैं अलामत,
ताकि खेल चलता रहे सही सलामत!

शब्द–अर्थ—सियासत–राजनीति ,सियासतदां –राजनीतिज्ञ ,तोहमत–आक्षेप,रकाबत-दुश्मनी ,खिलाफत–विरोध,रिआया–जनता,अलामत–दुर्भाग्य,सलामत–निर्विघ्न रूप से,नायाब–अतुलनीय 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut (88)

Gangadas used to come to the village for buying vegetables and the other small things asked by Deenu or Kamini Devi so he was familiar to th...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!