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शनिवार, 11 मार्च 2017

Samhal Jaao Kejariwal !!

सम्हल जाओ केजरीवाल !!

 कुछ भी नहीं होगा हांसिल
यहाँ से वहां छलांगे मार मार कर
बहुरूपिये सा भेस बदल बदल कर
देश के गद्दारों को गोद में बिठाकर
पुचकार कर पीठ थपथपा कर
मोदी जी को बार बार गाली देकर
क्योंकि मोदी जी को गाली दे देकर
रह  गए हो तुम कीचड में धंस कर
और उसी कीचड से बीजेपी ने भर भर कर
 कमल निकाले हैं देखो कैसे खिला कर
दिल्ली वालों ने थोक में वोट दिए थे भर भर कर
लेकिन तुम खरे उतरे नहीं उनकी कसौटी पर
ज़मीन खिसकने वाली है तुम्हारी दिल्ली से भी
तुमने ध्यान नहीं दिया दिल्ली की और अगर
काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती
खाक हो जाती है बस जलकर !! 

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