मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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रविवार, 22 जुलाई 2018

Behatreen Shayari !!

सच बोल-बोल कर यूं दुश्मनी कब तलक..
झूठ बोलना सीख..कुछ दोस्त बना....
*ये अलग बात है दिखाई न दे मगर शामिल जरूर होता है,*
*खुदकुशी करने वाले का भी कोई कातिल जरूर होता है।*
*"परिंदे शुक्रगुजार हैं,पतझड़ के भी दोस्तो..*

*तिनके कहां से लाते,जो सदा  बहार रहती"*
*🕊🕊जहा आपका होना न होना बराबर हो ,*

*🕊🕊वहा आपका न होना ही बेहतर है।*

शाम तक लौट आऊंगा हाथों का ख़ालीपन लिए,
आज फ़िर निकला हूँ मैं घ़र से हथेली चूम कर...

#डॉ_राहत_इंदौरी
*मेरे ऐब तो ज़माने में उजागर है,*

*फ़िक्र वो करें जिनके गुनाह पर्दे में है...!*

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