मुझे शराब से महोब्बत नही है
महोब्बत तो उन पलो से है
जो शराब के बहाने मैं
दोस्तो के साथ बिताता हूँ.
तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे, शराब से भी कड़वे होते है...
कर दो तब्दील अदालतों को मयखानों में साहब;
सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता !
सबसे कड़वी चीज़ इन्सान की ज़ुबान है,
मुझे शराब से महोब्बत नही है
महोब्बत तो उन पलो से है
जो शराब के बहाने मैं
दोस्तो के साथ बिताता हूँ.
शराब तो ख्वामखाह ही बदनाम है..
नज़र घुमा कर देख लो..
इस दुनिया में..
शक्कर से मरने वालों की तादाद बेशुमार हैं!
तौहीन ना कर शराब को कड़वा कह कर,
जिंदगी के तजुर्बे, शराब से भी कड़वे होते है...
कर दो तब्दील अदालतों को मयखानों में साहब;
सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता !
सबसे कड़वी चीज़ इन्सान की ज़ुबान है,
दारू और करेला तो खामखां बदनाम हैं !
"बर्फ का वो शरीफ टुकड़ा
जाम में क्या गिरा... बदनाम हो गया..."
"देता जब तक अपनी सफाई...
वो खुद शराब हो गया....."
ताल्लुकात बढ़ाने हैं तो....
कुछ आदतें बुरी भी सीख ले गालिब,
ऐब न हों तो.....
लोग महफ़िलों में नहीं बुलाते ....
दारू और करेला तो खामखां बदनाम हैं !
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