डॉक्टर हर्षवर्धन एक लोकप्रिय व्यक्तित्व :
यह 1995-1996 की बात है,उस दौर में अर्जियों के साथ मार्कशीट की फोटोकॉपी को attest करवा कर ही दिया जा सकता था. attest करने का काम कोई class-1 officer अथवा कोई डॉक्टर कर सकता था. मुझे अपने बेटे की मार्कशीट्स attest करने की आवश्यकता जब भी हुई ,मै डॉक्टर हर्षवर्धन के कृष्णानगर स्थित आवास में चली जाया करती थी। साढ़े आठ से दस साढ़े दस बजे तक का समय वे अपने कार्यक्षेत्र के लोगों को दिया करते थे. बड़े से हॉल में सोफे लगे हुए थे जो हमेशा भरे रहते थे। डॉक्टर हर्षवर्धन अस्पताल में भी कार्य करते थे अतः ,उनके पास आने वालों में मरीज भी तथा क्षेत्र की अन्य समस्याओं से दो चार होते लोग भी हुआ करते थे। वे सत्ता में हों या ना हों उनके मदद करने की लगन और व्यवहार में मैंने कभी परिवर्तन नहीं देखा. उनके निर्वाचन क्षेत्र में मेरा आवास भी था और मेरे पति की स्कूटर मोटरसाइकिल में प्रयुक्त होने वाली वायर्स की छोटी सी फैक्ट्री थी ,जहाँ मेरे पति से एक छोटा सा मुस्लिम सप्लायर अक्सर सामान ले जाया करता था. एक दिन वह बहुत दुखी था ,मेरे पति के पूछने पर उसने बताया की उसके छोटे से बच्चे के दिल में छेद है और उसका महंगा इलाज कराना उसके बस में नहीं है,मेरे पति ने मुझसे कहा कि अभी तो डॉक्टर हर्षवर्धन दिल्ली के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री हैं अतः मैं उस व्यक्ति को लेकर उनके आवास पर जाऊं जहाँ वे अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनते व समाधान करते हैं ,हिचकिचाती हुई सी मैं सुबह उसे लेकर गई ,मेरी बारी आने पर मैं सामने गई ,मेरे उस व्यक्ति का नाम तथा समस्या के बारे में बताते ही उन्होंने तुरंत एक पत्र टाइप करने के लिए अपने असिस्टेंट से कहा और कलावती हॉस्पिटल में फ़ोन लगाने को भी कहा,उन्होंने वह पत्र उस व्यक्ति को दे दिया मैंने उन्हें धन्यवाद दिया और घर आ गई। वह व्यक्ति पत्र लेकर चला गया। उसके बाद वह पंद्रह दिनों तक नहीं आया। जब आया तो अत्यंत हर्षित था ,बार बार हमारा धन्यवाद कर रहा था ,उसने बताया कि अस्पताल का स्टाफ आश्चर्य चकित था कि मेरे पास वह पत्र कहाँ से आया ,उसे विशेष रूप से ध्यान देकर इलाज मुहैया कराया गया। मैं डॉक्टर हर्षवर्धन को धन्यवाद देने गई या नहीं ये मुझे याद नहीं किन्तु मेरा आवास परिवर्तन होने पर 2003 to 2005 तक मैं भारतीय जनता पार्टी की सक्रीय कार्यकर्त्ता रही। मैंने श्री विजय जॉली के लिए विधान सभा और जगमोहन जी के लिए लोकसभा चुनाव में कार्य किया। उस दौरान एक बार आंबेडकर स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी के सम्मेलन में भोज के दौरान मेरी डॉक्टर हर्षवर्धन से फिर मुलाकात हुई ,उन्होंने मुझसे परिचित की तरह ही एक दो बातें की। मुझे अच्छा लगा। आज मोदी जी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सौंपा तो लगा कि एकदम सही व्यक्ति हमारा स्वास्थ्यमंत्री है।
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