मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts
- nirupamalekhika.blogspot.com
- I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.
रविवार, 8 दिसंबर 2019
Behatreen Shayari !!
ऐसे बहुत से शायर हैं, जिनका दूसरा मिसरा इतना मशहूर हुआ कि लोग पहले मिसरे को तो भूल ही गये। ऐसे ही चन्द उधारण यहाँ पेश हैं:
"ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता है,
*वही होता है जो मंज़ूर-ए-ख़ुदा होता है।*"
*- मिर्ज़ा रज़ा बर्क़*
"भाँप ही लेंगे इशारा सर-ए-महफ़िल जो किया,
*ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं।"*
*- माधव राम जौहर*
"चल साथ कि हसरत दिल-ए-मरहूम से निकले,
*आशिक़ का जनाज़ा है, ज़रा धूम से निकले।"*
*- मिर्ज़ा मोहम्मद अली फिदवी*
"दिल के फफूले जल उठे सीने के दाग़ से,
*इस घर को आग लग गई,घर के चराग़ से।"*
*- महताब राय ताबां*
"ईद का दिन है, गले आज तो मिल ले ज़ालिम,
*रस्म-ए-दुनिया भी है,मौक़ा भी है, दस्तूर भी है।"*
*- क़मर बदायुनी*
"क़ैस जंगल में अकेला ही मुझे जाने दो,
*ख़ूब गुज़रेगी, जो मिल बैठेंगे दीवाने दो।"*
*- मियाँ दाद ख़ां सय्याह*
'मीर' अमदन भी कोई मरता है,
*जान है तो जहान है प्यारे।"*
*- मीर तक़ी मीर*
"शब को मय ख़ूब पी, सुबह को तौबा कर ली,
*रिंद के रिंद रहे हाथ से जन्नत न गई।"*
*- जलील मानिकपूरी*
"शहर में अपने ये लैला ने मुनादी कर दी,
*कोई पत्थर से न मारे मेंरे दीवाने को।"*
*- शैख़ तुराब अली क़लंदर काकोरवी*
"ये जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने,
*लम्हों ने ख़ता की थी, सदियों ने सज़ा पाई।"*
*- मुज़फ़्फ़र रज़्मी*
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Dharavahik crime thriller ( 225) Apradh !!
Suraj Asthana got the job in a Nationalised Bank. He was so happy he came and share the news with Vineeta first as Geeta Devi was not at hom...
Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!
-
वर्णनामार्थ सन्धानां रसानां छंद सामपि मंगला नाम कर्तारौ वनडे वाणी विनायकौ भवानी शंकरौ वंदे श्रद्धा विश्वास रुचिनौ याभ्यां विना न पश्...
-
*अलक* => *अति लघु कथा* अलक..१. आईच्या नावे असलेली जागा आपल्या नावावर करून घेण्याची सुप्त इच्छा मनात धरून आईच्या ताब्यासाठी दोन भाऊ ...
-
गंगा सिंधु सरस्वतीच यमुना गोदावरी नर्मदा कावेरी शरयू ,महेन्द्र तनया चर्मण्वती वेदिका क्षिप्रा वैत्रवती महासुरनदि ख्याता जया गंडकी पूर...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें