नाकामयाब-------
बड़ी बेतरतीब सी रही जिंदगी,
न कोई बायस न कोई मकाम,
कभी डूबती और उबरती कभी रही जिंदगी,
तेज़ धारे पर,और कभी कम रफ़्तार पर,
बहती रही जिंदगी,
न जिंदगी को कोई उम्मीद रही हमसे,
न हमारी रही कोई उम्मीद ए जिंदगी,
खुदा की तोहफे में दी गई एक नायाब नेमत,
इसी तरह उजडती,बनती,बिगड़ती रही जिंदगी,
बनाने की कोशिश करते रहे ता उम्र ,
लेकिन न बनी,बनी रही बस एक फ़र्ज़ जिंदगी,
किया बहु कुछ ,न टूटा करने का सिलसिला आज तक,
फिर भी कुछ दिखे,कुछ दिखा सकें,
ऐसा तो कुछ नहीं दिखा सकी जिंदगी,
कोशोशें करते रहे कामयाबी की नाकामयाब,
ना जाने क्यों इतना रूठी रही जिंदगी,
जीते रहे सब को खुश करने के सबब,
दांव पे लगते रहे खुद को,खुद की खुशियों को,
कोई भी खुश ना हो सका,
बस क़र्ज़ की तरह अदा हुई जिंदगी!
शब्द अर्थ---नाकामयाब--असफल,सबब--उदेश्य,बायस-उदेश्य,मकाम-मंजिल,नेमत--कृपा,नायाब--अतुलनीय,उबरती रही--सतह पर आना
बड़ी बेतरतीब सी रही जिंदगी,
न कोई बायस न कोई मकाम,
कभी डूबती और उबरती कभी रही जिंदगी,
तेज़ धारे पर,और कभी कम रफ़्तार पर,
बहती रही जिंदगी,
न जिंदगी को कोई उम्मीद रही हमसे,
न हमारी रही कोई उम्मीद ए जिंदगी,
खुदा की तोहफे में दी गई एक नायाब नेमत,
इसी तरह उजडती,बनती,बिगड़ती रही जिंदगी,
बनाने की कोशिश करते रहे ता उम्र ,
लेकिन न बनी,बनी रही बस एक फ़र्ज़ जिंदगी,
किया बहु कुछ ,न टूटा करने का सिलसिला आज तक,
फिर भी कुछ दिखे,कुछ दिखा सकें,
ऐसा तो कुछ नहीं दिखा सकी जिंदगी,
कोशोशें करते रहे कामयाबी की नाकामयाब,
ना जाने क्यों इतना रूठी रही जिंदगी,
जीते रहे सब को खुश करने के सबब,
दांव पे लगते रहे खुद को,खुद की खुशियों को,
कोई भी खुश ना हो सका,
बस क़र्ज़ की तरह अदा हुई जिंदगी!
शब्द अर्थ---नाकामयाब--असफल,सबब--उदेश्य,बायस-उदेश्य,मकाम-मंजिल,नेमत--कृपा,नायाब--अतुलनीय,उबरती रही--सतह पर आना
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