मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

शनिवार, 7 मार्च 2020

Wajood Se : By Nirupama Sinha !!{133} Rahasymyee !!

रहस्यमयी--------------

आंधी की तरह यकायक आना उसका,
और चले जाना
एक सवाल है,जिसकी तह में हैं कई सवाल,
वह जितनी परिचिता  है,उतनी ही अपरिचिता  सी,
कितनी आत्मीय लगी,आज उतनी पराई सी,
प्रेरिका बनी मेरी वह सखी,
कल तक थी आज नहीं,
थी चंचला सीमाएं लांघती सी,
कभी मधुर,कभी कटु भाषिणी सी,
कभी कठोर,दुःख दायिनी
अल्हड,चहकती स्तरहीन सी,
क्यों न लगी कभी सौम्या
सदैव कुछ ले लेने को आतुर,
देने में अति कृपणा सी,
मेरा मन हो जाता है व्यथित,
जब जब मानस पटल पर ,
उभरती है उसकी छवि,
सोचती रहती हूँ क्यों वह ऐसी था,क्यों वैसी न थी,
प्रश्नों की झड़ी सी,रहस्यमयी!

शब्द अर्थ-- कृपणा --कंजूस 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik crime thriller ( (232) Apradh !!

Sharma couple was waiting there for Dr. Phillip and after one hour he appeared. He looked at them and asked them to follow him. All of them ...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!