मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

मंगलवार, 16 जुलाई 2024

Re mann !!

 रे मन 

रे मन तू , कभी नहीं थकना 

बस चलते ही रहना 

शरीर की पीड़ा रोके भी तो 

उसकी बात नहीं सुनना 

रे मन तू , कभी नहीं थकना 

वर्षों बीत गए संघर्षों में 

आई आँधी , आए तूफ़ाँ,

तूने हिम्मत कभी न हारी,

डट कर खड़ा रहा हरदम 

सामना किया हर झंझावत का ,

दुष्टों की 

कुटीलतम चालों का भी 

दिग्भ्रमित करते छलावों का भी , 

चलता रहा , 

चलाता रहा मुझको तू ,

आगे भी चलते जाना 

इक तू ही है मेरा साथी 

साथ तुझे निभाना है 

ना टूटना है तुझको 

ना मुझे टूटने देना है 

जब तक साँसे चलतीं हैं ये 

तू मेरा और मैं हूँ तेरी 

दोनो मिलकर स्वस्थ रहें 

और जीवन का लें आनंद 

लेकर कुछ नहीं जाना है ,

तो क्यूँ ना देकर जायें

अच्छी स्मृतियाँ 

शब्दों की अगणित लड़ियाँ ,

तू बस साथ चला चल मेरे 

मैं बन कर तेरी अनु गामिनी 

रे मन मेरे चलता चल 

साथ मुझे चलाता चल !! 

       निरुपमा सिन्हा

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot- Adbhut(210)

Smashan Siddhi is a type of Smashan Sadhana which can be performed by those Sadhus who have depth of this type of activity which can control...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!