*एक हास्यास्पद प्रस्तुती:*
*हमारे देश में अरेंज्ड मैरिज में, जब हम किसी लड़की को देखने जाते हैं, तो एक सवाल तो लगभग तय ही होता है:*
*“लड़का करता क्या है?”*
*सोहन का परिवार उसके लिए एक लड़की देखने गया। ड्राइंग रूम में चाय,* *नाश्ता और हल्की-फुल्की बातचीत खत्म होने के बाद, लड़की के पिता ने धीरे से मुख्य मुद्दे पर बात शुरू की:*
*“तो, आपका बेटा अभी क्या काम करता है?”*
*सोहन के पिता ने अपना चश्मा ठीक किया, गला साफ किया और पूरे कॉर्पोरेट-स्टाइल में एक प्रेजेंटेशन देना शुरू कर दिया:*
*“देखिए, हमारा सोहन अभी एक एग्रो-बेस्ड (खेती से जुड़े) ‘डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर’ स्टार्टअप का फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर है। हम ऑर्गेनिक हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में काम करते हैं।”*
*यह सुनकर, लड़की के पिता पहले से ही आधे इम्प्रेस हो चुके थे।*
*“वाह! तो आपका प्रोडक्ट असल में है क्या?”*
*सोहन के पिता ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी बात जारी रखी:*
*“हमारे मुख्य पोर्टफोलियो में हाई-प्रोटीन वाले भुने हुए अनाज और पारंपरिक कैरामलाइज्ड मिठाइयाँ शामिल हैं। हम कच्चा माल सीधे होलसेल सप्लाई चेन से लेते हैं, फिर उन्हें अपनी खुद की थर्मल प्रोसेसिंग यूनिट में बिना तेल के भूनते हैं। और सबसे खास बात यह है कि हमारी पैकेजिंग 100% इको-फ्रेंडली और बायोडिग्रेडेबल है!”*
*यह सब सुनकर लड़की का परिवार हैरान रह गया। यह तो किसी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी जैसा लग रहा था!*
*लड़की के चाचा खुद को पूछने से रोक नहीं पाए:*
*“तो आपकी कंपनी का मेन ऑफिस कहाँ है? और आपके यहाँ कितने कर्मचारी हैं?”*
*बिल्कुल भी घबराए बिना, सोहन के पिता ने जवाब दिया:*
“देखिए, यह आधुनिक ‘लीन स्टार्टअप्स’ का जमाना है, इसलिए हम दुकान के किराए और बिजली के बिल जैसे फालतू खर्चों से बचते हैं। हमारे पास एक मोबाइल रिटेल आउटलेट है, जिसकी जगह ट्रैफिक और लोगों की भीड़ के हिसाब से रोज बदलती रहती है। और पूरा काम मेरा बेटा अकेले ही संभालता है — वह एक ‘सोलोप्रेन्योर’ है!”*
*अब लड़की के पिता पूरी तरह से कन्फ्यूज हो गए।* *उन्हें लगा कि यह अंग्रेज़ी उनकी समझ से बाहर है।*
*तो उन्होंने कहा:*
*“मुझे यह मार्केटिंग वाली भाषा ठीक से समझ नहीं आई। क्या आप आसान शब्दों में समझा सकते हैं कि लड़का असल में करता क्या है?” ठीक उसी पल, कोने में बैठा उस लड़के का पक्का दोस्त धीरे से बोला:*
“अंकल, उनका कहने का मतलब यह है कि, हमारा भाई हाईवे पर सड़क किनारे एक ठेला लगाता है, जिस पर वह मूंगफली, भुने हुए चने और रेवड़ी बेचता है! वह एक कड़ाही में रेत डालकर चने भूनता है और उन्हें अखबार के बने लिफाफों में मोड़कर ग्राहकों को देता है — जिसे ये लोग ‘बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग’ कहते हैं!”*
*यह सुनकर, लड़की के पिता के हाथ से हैरानी के मारे चाय का कप लगभग छूट ही गया!*
*तो भाइयों, मार्केटिंग के शब्दों का जादू बहुत जबरदस्त होता है। अगर आपकी प्रस्तुति (presentation) काफी दमदार हो, तो मूंगफली और चने का एक ठेला भी किसी बड़ी ‘कॉर्पोरेट स्टार्टअप’ कंपनी जैसा लग सकता है!* *Statutory warning ; अपना पैसा startups और IPO में संभाल कर लगाएं*
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