फेयरवेल -------
आता है यह दिन हर बरस,
बीत गए हैं बरसों बरस,
हम सब अध्यापक ठहरे हुए ,
यहीं इसी जगह ,खड़े हुए
आपको यहाँ आते,बढ़ते पढ़ते ,
ज्ञानार्जन करते ,देखते रहते हैं ,
कुछ हम आपको सिखाते हैं
और कुछ पाठ सीखा जाते हैं आप,
क्योंकि नए युग के निपुण कलाकार हैं आप
समय कभी रुकता नहीं
एक ही गति से चलता है
चलना होता है हमें भी
उसके साथ साथ
क्योंकि प्रतिस्पर्धा के इस
अथाह समंदर में
आप सभी को डुबकी लगानी है
और ले आना है अपने अपने हिस्से का वो मोती
जो है हम सबकी ,और आपके जीवन की आस
आपके बिना हम कुछ नहीं और
हमारे बिना आप
कल को बहुत बड़े हो जाएंगे आप
बड़े बड़े पदों को,बड़ी बड़ी कुर्सियों को
सुशोभित करेंगे आप
बड़े बड़े मक़ामों पर नज़र आएंगे आप
लेकिन ये तो जीवन का सबसे मीठा सच है
इन स्कूल के दिनों को ,इन दोस्तों सहेलियों को
हम अद्यापकों को ,खट्टी मीठी डांट को
कभी भुला नहीं पाएंगे आप
माता पिता के बाद सिर्फ हमी हैं
जो चाहते हैं ,कुछ कर दिखाएँ आप
हम भी गर्दन उठा कर कह सकें
--------------------school से hain आप
हमारी शुभ कामनाएं ,हमारे आशीष
सदा रहेंगे आपके साथ
यह समापन नहीं है
करने जा रहे हैं आप
एक नयी शुरुआत
आता है यह दिन हर बरस,
बीत गए हैं बरसों बरस,
हम सब अध्यापक ठहरे हुए ,
यहीं इसी जगह ,खड़े हुए
आपको यहाँ आते,बढ़ते पढ़ते ,
ज्ञानार्जन करते ,देखते रहते हैं ,
कुछ हम आपको सिखाते हैं
और कुछ पाठ सीखा जाते हैं आप,
क्योंकि नए युग के निपुण कलाकार हैं आप
समय कभी रुकता नहीं
एक ही गति से चलता है
चलना होता है हमें भी
उसके साथ साथ
क्योंकि प्रतिस्पर्धा के इस
अथाह समंदर में
आप सभी को डुबकी लगानी है
और ले आना है अपने अपने हिस्से का वो मोती
जो है हम सबकी ,और आपके जीवन की आस
आपके बिना हम कुछ नहीं और
हमारे बिना आप
कल को बहुत बड़े हो जाएंगे आप
बड़े बड़े पदों को,बड़ी बड़ी कुर्सियों को
सुशोभित करेंगे आप
बड़े बड़े मक़ामों पर नज़र आएंगे आप
लेकिन ये तो जीवन का सबसे मीठा सच है
इन स्कूल के दिनों को ,इन दोस्तों सहेलियों को
हम अद्यापकों को ,खट्टी मीठी डांट को
कभी भुला नहीं पाएंगे आप
माता पिता के बाद सिर्फ हमी हैं
जो चाहते हैं ,कुछ कर दिखाएँ आप
हम भी गर्दन उठा कर कह सकें
--------------------school से hain आप
हमारी शुभ कामनाएं ,हमारे आशीष
सदा रहेंगे आपके साथ
यह समापन नहीं है
करने जा रहे हैं आप
एक नयी शुरुआत
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