मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

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शनिवार, 12 मई 2018

Anmol Moti !! { 45}

शिष्टाचार --दूसरे व्यक्ति को अपनी सहृदयता एवं आदर की भावना का पीछे देना ही शिष्ठाचार है --अज्ञात 
शिष्ठा चार शारीरिक सुंदरता के अभाव को पूर्ण कर देता है केवल वही व्यक्ति सबसे सुन्दर हैं जो अपने शिष्ठाचार द्वारा दूसरों का हृदय जीत लेता है।  शिष्ठाचार के अभाव में सौंदर्य का कोई मूल्य नहीं होता --स्वेट मोर्डेन 
शील--शील वह धन है जो बहुलता से आता है --टैगोर 
धर्म कर्म सत्य सदाचार शक्ति एवं लक्ष्मी सभी शील पर आश्रित है शील इन सबकी जड़ है --वेदव्यास 
श्रद्धा --श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर पर विश्वास --गाँधी 
बुद्धि में सद्विचार रखना श्रद्धा है श्रद्धा मनुष्य को शक्ति देती है और उसके जीवन को सार्थक बनाती है--विनोबा 
जो काम श्रद्धा से न किया जाय वह न इस दुनिया में काम आता है न दूसरी दुनिया में --गीता 
श्रद्धा का सीधा सम्बन्ध हृदय से होता है बुद्धि से नहीं बुद्धि श्रद्धा को समाप्त कर देती है --अज्ञात 
श्रद्धा हमारे आदर्श की बाहरी रेखा है --स्वेट  मोर्डेन 
संकट--इस संसार में यदि संकट न होते तो महान व्यक्तियों के चरित्रों को आज हीरे की तरह चमक रहे हैं कौन चमकता --अज्ञात 
संकट का काल ही मानव आत्मा की कसौटी है --टॉमस पेन 
जो मनुष्य निरुत्साह दीं और शोकाकुल रहता है उसके सभी काम बिगड़ जाते हैं और वह बड़े संकट में पद जाता है --वाल्मीकि 
प्रायः संकट का काल विजय  के साथ ही आता है --नेपोलियन  
संकल्प --अच्छे काम करने के लिए संपत्ति की आवश्यकता काम पड़ती है अच्छे हृदय और संकल्प की अधिक --मूर 
इस संसार में प्रत्येक वस्तु संकल्प शक्ति पर निर्भर है --डिजरायली 
विश्व में कुछ भी दुर्लभ नहीं है केवल दृढ संकल्प होना चाहिए --अज्ञात 
दृढ संकल्प एक किले के समान है जोकि भयंकर प्रलोभनों से हमारी रक्षा करता है--गाँधी 
संघर्ष --संघर्षमय जीवन ही जीवन है --अज्ञात 
इच्छाओं का संघर्ष यह प्रकट करता है की जीवन व्यवस्थित होना चाहता है --खलील जिब्रान 
संघर्ष हमको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है जो लोग संघर्ष से घबराते है उन्हें चाहिए की वे जंगल की राह लें --अज्ञात 
यदि हम साहसी पुरुषों की भाँती युद्ध और संघर्ष में डटे रहते का प्रयत्न करें तो निश्चय ही हमको परमात्मा की स्वर्गीय सहायता का अनुभव होगा --हनुमान प्रसाद पोद्दार 

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