शत्रु --बुरे विचार ही हमारी सुख शांति और विजय के शत्रु है --स्वेट मोर्डेन
शत्रु और रोग की उपेक्षा कभी उचित नहीं है --अज्ञात
हमारी इन्द्रियाँ सबसे बाई शत्रु हैं --शंकराचार्य
शत्रुता--किसी से शत्रुता करना या बैर करना अपने विकास को रोकना है --विनोबा
शत्रुता का अंत शत्रु के जीवन के साथ हो जाता है --प्रेमचंद्र
शांति --शांति ठीक वहां से आरम्भ होती है जहाँ महत्वाकांक्षा का अंत हो --यंग
युद्ध के लिए तैयार रहना शांति स्थापित रखने के लिए एक बहुत प्रभावशाली साधन है --वाशिंगटन
मनुष्य की शांति की परख समाज में ही हो सकती है हिमालय की चोटी पर नहीं --गाँधी
शांति सुख का सुन्दरतम रूप है --चेनिग
शांति मानव जीवन का चरम लक्ष्य है संसार में रह कर हम जितने कर्म करते हैं और जितना धर्माचरण करते हैं उन सबके पीछे यही इच्छा तो रहती है कि हम शांति पूर्वक जीवन यापन करें --अज्ञात
शांति की कल्पना में तत्पर रहना जबकि संघर्ष आवश्यक हो निश्चित रूप से शांति मिटाना है --वेदव्यास
यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी हर भूल उसे कुछ सीखा सकती है --गाँधी
शिक्षा क्या है ? क्या पुस्तकों का ज्ञान ,संसार मनुष्य और कार्य कलापों पर पारस्परिक संयोग ही शिक्षा है --बर्क
शिक्षा का उद्द्येश्य चरित्र निर्माण है --हर्बर्ट स्पेंसर
हमारी शिक्षा तब तक अधूरी है जब तक उसमे धार्मिक विचारों का सामंजस्य नहीं होता--अज्ञात
मिटटी पानी और प्रकाश के साथ पूरा पूरा सम्बन्ध बिना रहे शरीर की शिक्षा सम्पूर्ण नहीं होती --टैगोर
शिक्षा का ध्येय मनुष्य के ज्ञान की वृद्धि करना ही नहीं अपितु उसका ध्येय मनुष्य के मस्तिष्क को विकसित करना है --डाडेट
शिक्षा जीवन की विभिन्न परिस्थितियो को निभाने की योग्यता है जॉन जी हीबन
शिक्षा मनुष्य की आत्मा के लिए उसी भांति है जिस प्रकार संगमरमर के टुकड़े के लिए शिल्पकला --एडिसन
संसार में जितने प्रकार की प्राप्तियां हैं शिक्षा उनमे सबसे बढ़ कर है --निराला
शत्रु और रोग की उपेक्षा कभी उचित नहीं है --अज्ञात
हमारी इन्द्रियाँ सबसे बाई शत्रु हैं --शंकराचार्य
शत्रुता--किसी से शत्रुता करना या बैर करना अपने विकास को रोकना है --विनोबा
शत्रुता का अंत शत्रु के जीवन के साथ हो जाता है --प्रेमचंद्र
शांति --शांति ठीक वहां से आरम्भ होती है जहाँ महत्वाकांक्षा का अंत हो --यंग
युद्ध के लिए तैयार रहना शांति स्थापित रखने के लिए एक बहुत प्रभावशाली साधन है --वाशिंगटन
मनुष्य की शांति की परख समाज में ही हो सकती है हिमालय की चोटी पर नहीं --गाँधी
शांति सुख का सुन्दरतम रूप है --चेनिग
शांति मानव जीवन का चरम लक्ष्य है संसार में रह कर हम जितने कर्म करते हैं और जितना धर्माचरण करते हैं उन सबके पीछे यही इच्छा तो रहती है कि हम शांति पूर्वक जीवन यापन करें --अज्ञात
शांति की कल्पना में तत्पर रहना जबकि संघर्ष आवश्यक हो निश्चित रूप से शांति मिटाना है --वेदव्यास
यदि मनुष्य सीखना चाहे तो उसकी हर भूल उसे कुछ सीखा सकती है --गाँधी
शिक्षा क्या है ? क्या पुस्तकों का ज्ञान ,संसार मनुष्य और कार्य कलापों पर पारस्परिक संयोग ही शिक्षा है --बर्क
शिक्षा का उद्द्येश्य चरित्र निर्माण है --हर्बर्ट स्पेंसर
हमारी शिक्षा तब तक अधूरी है जब तक उसमे धार्मिक विचारों का सामंजस्य नहीं होता--अज्ञात
मिटटी पानी और प्रकाश के साथ पूरा पूरा सम्बन्ध बिना रहे शरीर की शिक्षा सम्पूर्ण नहीं होती --टैगोर
शिक्षा का ध्येय मनुष्य के ज्ञान की वृद्धि करना ही नहीं अपितु उसका ध्येय मनुष्य के मस्तिष्क को विकसित करना है --डाडेट
शिक्षा जीवन की विभिन्न परिस्थितियो को निभाने की योग्यता है जॉन जी हीबन
शिक्षा मनुष्य की आत्मा के लिए उसी भांति है जिस प्रकार संगमरमर के टुकड़े के लिए शिल्पकला --एडिसन
संसार में जितने प्रकार की प्राप्तियां हैं शिक्षा उनमे सबसे बढ़ कर है --निराला
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