मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

सोमवार, 14 मई 2018

Anmol Moti !! {46}

संतोष असंतोष --असंतोष सबसे बड़ा दुःख है और संतोष सबसे बड़ा सुख इस लिए सुख चाहनेवाले व्यक्ति को हमेशा संतुष्ट रहना चाहिए --महर्षि गौतम 
संतोष प्राकृतिक सम्पति है असंतोष कृत्रिम धन है --अज्ञात 
संतोष एक साम्राज्य से भी बढ़कर है --कहावत 
मनुष्य को स्वस्थ रखने के लिए संतोष एक सर्वोत्तम पथ्य  है और रोगी व्यक्ति को निरोग रखने  के लिए सर्वोत्तम औषधि है --डब्ल्यू  सीकर 
संदेह --जिस व्यक्ति को संदेह है उसका कहीं ठिकाना नहीं --गाँधी 
संदेह हमारा दुश्मन है यह हमारे मन में भय पैदा करता है इससे हमको जिस पर विजय प्राप्त करने का पूरा भरोसा होता है उसीके सामने सर झुकना पड़ता है --शेक्सपियर 
जब मनुष्य को संदेह अधिक होने लगता है तो उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है --अज्ञात 
संदेह पानी का बुलबुला नहीं है जो क्षण भर में भांग हो जाता है वह तो धूमकेतु  की रेखा के सामान है जो आकाश में एक छोर से दूसरे छोर तक फैली रहती है। और धूमकेतु जानते हो किस बात का प्रतीक है भय का ? आशंका का ? अमंगल का --रामकुमार वर्मा 
संसार --संसार में अपना पराया कोई नहीं जो किसी को अपना समझता है वही अपना है और जो पराया समझता है वह अपना होने पर भी पराया है --टैगोर
 ब्रम्ह सत्य है और जगत मिथ्या --उपनिषद 
यह जगत एक सुन्दर पुस्तक है लेकिन जो इसे नहीं पढता उसके लिए निरर्थक है --गोल्डोनि 
सभी संभव संसारों  में यह जगत सर्वोत्तम है और इसमें प्रत्येक वास्तु अच्छाई के लिए है वॉल्टेयर 
सच्चाई --अगर हमारे जीवन में सच्चाई है तो उसका असर अपने आप लोगों पर पड़ेगा -गाँधी 
यदि तुम मेरे  हाथ पर चाँद और सूरज भी लाकर रख दो तो भी मैं सच्चाई के रास्ते से विचलित न होऊंगा 
सत्य एक ही है दूसरा नहीं सत्य के अस्तित्व के लिए बुद्धिमान विवाद नहीं करते --बुद्ध 
सच्चाई की परीक्षा दुःख में हुआ करती है सुख में नहीं --अज्ञात 
सत्य बोलो प्रिय बोलो प्रिय असत्य न बोलो --मनुस्मृति 
समय मूल्यवान  है लेकिन समय सत्य की अपेक्षा अधिक मूल्यवान है --डिजरैली 
सच्चाई से जिसका मन भरा हुआ हाउ वह विद्वान न होने पर भी देश की सेवा कर सकता है --मोतीलाल नेहरू 
सत्य ईश्वर की आत्मा है और प्रकाश शरीर--पाइथागोरस 
यदि तुम भूलों को रोकने के लिए द्वार बंद कर दोगे  तो  सत्य भी बाहर रह जाएगा टैगोर 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(35)

Mathuradas asked ,” What’s the time ? “ No one had have watch and there was no clock in Mathuradas’s house. So he went out to ask about the ...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!