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सोमवार, 14 मई 2018

Anmol Moti !! {47}

सतीत्व --सतीत्व वह संपत्ति है जो प्रेम की बहुलता से उत्पन्न होती है --टैगोर 
सतीत्व घर की चाहरदीवारी में नहीं उपजता वह जबरदस्ती लड़ा नहीं जा सकता परदे की दीवारें इसकी रक्षा नहीं कर सकती यह अन्तः करण से उत्पन्न होता है और इसका मूल्य तब ही है जब सभी प्रलोभनों पर विजय पाने में समर्थ हो --गाँधी 
सत्ता --मैं यह कभी समझ नहीं पाया की कोई समझदार प्राणी दूसरों पर सत्ता चला कर आनंद कैसे प्राप्त कर सकता है --जेफरसन 
सत्ता कभी लुप्त भले ही हो जाय किन्तु उसका नाश नहीं होता --जयशंकर प्रसाद 
सदाचार --जिस प्रकार चमक के बिना मोती किसी काम का नहीं होता उसी प्रकार सदाचार के बिना मनुष्य किसी काम का नहीं होता --अज्ञात 
मैं जीवन तथा सदाचार दोनों की कामना करता हूँ यदि वे दोनों मुझे एक साथ नहीं मिलते तो मैं जीवन को त्याग दूंगा और सदाचार में स्थिर रहूँगा --मेंसियस 
विनय से  अपकीर्ति दूर होती है पराक्रम से अनर्थ का नाश होता है क्षमा सदा ही क्रोध को मारती है और सदाचार कुलक्षण को नष्ट करता है --महाभारत 
सफलता असफलता --केवल सफलता ही इस दुनिया में सही गलत का निर्णायक है --हिटलर 
असफलता की भावना से सफलता का उत्पन्न होना उतना ही असंभव है जितना की बबूल के वृक्ष से गुलाब के फूल का निकलना --बायरन 
लक्ष्य को हमेशा अपने सामने रखो सफलता का यही रहस्य है --डिजरायली 
सफलता का प्रथम रहस्य है आत्म विश्वास --एमर्सन 
साहस सफलता के िये सबसे अधिक महत्त्व की वस्तु है --ब्राउन 
सभ्यता --सभ्यता उस आचरण का नाम है जिसके द्वारा मनुष्य अपना कर्तव्य पालन करता है --गाँधी 
व्यक्ति के सदृश्य राष्ट्र भी जीवित रहते और मरते हैं किन्तु सभ्यता कभी नष्ट नहीं हो सकती --मेदिनी 
सभ्यता की सच्ची परख देश की जनसँख्या भव्य नगरों अच्छी फसलों से नहीं होती वरन किस प्रकार के व्यक्ति देश में जन्मते हैं इससे होती है --एमर्सन 
मनुष्य की सबसे बड़ी सभ्यता स्वीकारने की शक्ति के प्रभाव से पूर्ण महत्ता प्राप्त की है --टैगोर 
समय --समय परिवर्तन की संपत्ति है --टैगोर 
मैंने समय को बर्बाद किया अब समय म ुझे बर्बाद कर रहा है --शेक्सपियर 
समय का हर क्षण स्वर्ण की भांति बहुमूल्य है --मेसन 
जो लोग समय का सबसे अधिक दुरुपयोग करते हैं उन्हें समय की कमी की शिकायत रहती है --ब्रूयर 
समय बदल जाने पर लोगों की आँखें बदल जाती हैं --जयशंकर प्रसाद 
समाज समाज मानव हृदय का कारागार है --टैगोर 
अच्छा समाज शरीर के सामान है समाज में जो दुखी हिस्सा है उसकी ओर सबको ध्यान देना चाहिए --विनोबा 
केवल वही समाज सदा सुखी रह सकता है जिसने नैतिक गुणों को अपना लिया है --रस्किन 
सबसे अधिक सुखी वह समाज है जिसमे प्रत्येक व्यक्ति एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना रखता है --गेटे 
जहाँ बहुत सारे नेता सभी स्वयं को पंडित मानने वाले अहंकारी है स्वयं की महत्ता चाहते हैं वह समाज नष्ट हो जाता है --अज्ञात 

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