नंबर का खेल !!
दुनिया में कहीं नहीं देखा है ,ऐसा नंबर का खेल,
ठगी जाती है जनता,समझ ही नहीं पाती ,
ये क्या हुआ ? कैसे हुआ ? कब हुआ ? क्यों हुआ ?
कल तक जिसको बक रहा था उसका नेता भर भर के गालियां
आज डाल रहा है गलबहियां ,जनता से लगवाए थे जिसके खिलाफ नारे
वोट के लिए,जिसके खिलाफ किया चुनाव प्रचार
उसके गुण गा रहा है ,मिल रहा है मीटिंग कर रहा है,
उसके साथ मिल कर ,सरकार बनाने का दावा पेश कर रहा है
न कोई उसूल ,न कोई नियम न विधि न विधान
कल तक था उसका विरोधी आज उसी के साथ गठबंधन
सत्ता की भूख ,मलाई काटने की ख्वाहिश?,क्या यही है" लोकतंत्र "?
किसी को भी बैठ जाना है कुर्सी पर,बस नंबर का टोटल मिल जाना चाहिए !
फ़िज़ूल है चुनाव और चुनाव पर किया जाने वाला करोड़ों का खर्च
ढेरों रैलियां ,भाषण,कार्यकर्ताओं की मेहनत,सिर्फ जनता की फ़ज़ीहत !!
दुनिया में कहीं नहीं देखा है ,ऐसा नंबर का खेल,
ठगी जाती है जनता,समझ ही नहीं पाती ,
ये क्या हुआ ? कैसे हुआ ? कब हुआ ? क्यों हुआ ?
कल तक जिसको बक रहा था उसका नेता भर भर के गालियां
आज डाल रहा है गलबहियां ,जनता से लगवाए थे जिसके खिलाफ नारे
वोट के लिए,जिसके खिलाफ किया चुनाव प्रचार
उसके गुण गा रहा है ,मिल रहा है मीटिंग कर रहा है,
उसके साथ मिल कर ,सरकार बनाने का दावा पेश कर रहा है
न कोई उसूल ,न कोई नियम न विधि न विधान
कल तक था उसका विरोधी आज उसी के साथ गठबंधन
सत्ता की भूख ,मलाई काटने की ख्वाहिश?,क्या यही है" लोकतंत्र "?
किसी को भी बैठ जाना है कुर्सी पर,बस नंबर का टोटल मिल जाना चाहिए !
फ़िज़ूल है चुनाव और चुनाव पर किया जाने वाला करोड़ों का खर्च
ढेरों रैलियां ,भाषण,कार्यकर्ताओं की मेहनत,सिर्फ जनता की फ़ज़ीहत !!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें