फिर लेने लगी अंगड़ाई ,एक छोटी सी ख्वाहिश ,
फिर मचलने लगा दिल ,कुलबुलाने लगी हसरत ,
अल्फ़ाज़ों की सुगबुगाहट ,जब बढ़ाने लगी बेचैनी ,
तब लगा, एक ही है इलाज ,इस मर्जी मगज का,
सामने हों शफ़्फ़ाफ़ सफ़े,कलम रोशनाई से भरी ,
उंडेलती रहूं,उंडेलती रहूं ,हर्फ़ दर हर्फ़ ,
अलफ़ाज़ दर अलफ़ाज़ ,
गर बन जाए कुछ कार आमद,
तो मिले चैन ,मिले राहत !
ख्वाहिश : इच्छा ,हसरत : लालसा ,अलफ़ाज़ : शब्द,हर्फ़ :अक्षर ,कारामद : काम का ,
शफ़्फ़ाफ़ : शुभ्र ,राहत : आराम ,रोशनाई : सियाही
फिर मचलने लगा दिल ,कुलबुलाने लगी हसरत ,
अल्फ़ाज़ों की सुगबुगाहट ,जब बढ़ाने लगी बेचैनी ,
तब लगा, एक ही है इलाज ,इस मर्जी मगज का,
सामने हों शफ़्फ़ाफ़ सफ़े,कलम रोशनाई से भरी ,
उंडेलती रहूं,उंडेलती रहूं ,हर्फ़ दर हर्फ़ ,
अलफ़ाज़ दर अलफ़ाज़ ,
गर बन जाए कुछ कार आमद,
तो मिले चैन ,मिले राहत !
ख्वाहिश : इच्छा ,हसरत : लालसा ,अलफ़ाज़ : शब्द,हर्फ़ :अक्षर ,कारामद : काम का ,
शफ़्फ़ाफ़ : शुभ्र ,राहत : आराम ,रोशनाई : सियाही
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