कौन होता है किसके करीब,
वक़्त के गुजरने के साथ,
सारे चेहरे धुंधलाने लगते हैं
और हो जाते हैं अजीब ,
अक्सर इंसान तोहमत लगाता है
कहता है इसे अपना नसीब
चारों ओर फैले हुए हैं वो ,
जो रक़ाबत दिखाए बगैर होते हैं रकीब
हर रोज़ घायल होता है एक रिश्ता
हर रोज़ टूटता है एक दिल ,
हर रोज़ चढ़ाया जाता है ,
एक ना एक अच्छा खयाल सलीब
मशीनों की सी ज़िन्दगी ,मशीनों से इंसान सभी लेन देन सारा मशीनी ,कौन है किसका हबीब !!
हबीब:प्रियजन ,तोहमत:इल्ज़ाम या आक्षेप ,रकाबत: दुश्मनी ,रकीब : दुश्मन,सलीब:फांसी या मृत्युदंड
वक़्त के गुजरने के साथ,
सारे चेहरे धुंधलाने लगते हैं
और हो जाते हैं अजीब ,
अक्सर इंसान तोहमत लगाता है
कहता है इसे अपना नसीब
चारों ओर फैले हुए हैं वो ,
जो रक़ाबत दिखाए बगैर होते हैं रकीब
हर रोज़ घायल होता है एक रिश्ता
हर रोज़ टूटता है एक दिल ,
हर रोज़ चढ़ाया जाता है ,
एक ना एक अच्छा खयाल सलीब
मशीनों की सी ज़िन्दगी ,मशीनों से इंसान सभी लेन देन सारा मशीनी ,कौन है किसका हबीब !!
हबीब:प्रियजन ,तोहमत:इल्ज़ाम या आक्षेप ,रकाबत: दुश्मनी ,रकीब : दुश्मन,सलीब:फांसी या मृत्युदंड
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