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मंगलवार, 22 मई 2018

Wajood Se : Malaal !

आईने में जब जब देखती हूँ अक्स अपना 
होठों पर आ जाती है आह,
और दिल में मलाल,
है गुज़र गई किस तरह ,
वह भी बिना कुछ किये ?
और फिर भी सोचने का वक़्त ना मिला ?
जाहिर है,कुछ तो किया ,
की जद -ओ -जहद ,
जीने की ,
किये गलत फैसले ,
और गल्तियां बेशुमार ,
और अब,
आता है दिल में एक नामुमकिन सा ख़याल 
काश खुदा दो ज़िंदगियाँ करता अता ,
एक करने की ,
और दूसरी ,
सुधारने की खता !

मलाल: पछतावा,जद -ओ -जहद :जीवन संघर्ष ,बेशुमार :बेहिसाब ,अता : प्रदान ,खता : गल्ती ,
अक्स ; प्रतिछवि 

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