आये थे तेरी महफ़िल में बड़ी शान से हम ,
रुखसत हो रहे हैं बदनाम से हम
तुझको माना था मोहसिन ,
बहुत की ,तेरी खिदमत ,
सोचा था बहुत दूर तक ,
साथ चलेंगे हम ,
तेरी मेहरबानियों का क़र्ज़
चुकाते रहे हरदम
जितना तू काम आया हमारे ,
उतने ही तेरे काम आये हम
यक ब यक तूने कर लिया किनारा
तो बहुत हैरान हुए हम
गर तूने समझा था इसे सौदा
तो बराबरी का रहा हिसाब
न फायदा तुझे हुआ,न घाटे में रहे हम ,
सोचेंगे शायद यही हो मुकद्दर में लिखा हुआ ,
कोई शिकवा न शिकायत करेंगे हम
तू हमेशा बनाये रखता है भरम
बस ऐसी ही कोई तदबीर ,करते रहेंगे हम ,
राहें जुदा,ज़िन्दगी जुदा ,
तरीके जुदा ,फलसफे जुदा ,
शायद ही कभी एक राह पे
चल पाएंगे हम !!
रुखसत :विदा ,महफ़िल :सभा,मुकद्दर: : किस्मत,शिकवा : उलाहना,तदबीर; प्रयत्न,फलसफा : दर्शन ,मोहसीन : एहसान करनेवाला ,खिदमत : सेवा
रुखसत हो रहे हैं बदनाम से हम
तुझको माना था मोहसिन ,
बहुत की ,तेरी खिदमत ,
सोचा था बहुत दूर तक ,
साथ चलेंगे हम ,
तेरी मेहरबानियों का क़र्ज़
चुकाते रहे हरदम
जितना तू काम आया हमारे ,
उतने ही तेरे काम आये हम
यक ब यक तूने कर लिया किनारा
तो बहुत हैरान हुए हम
गर तूने समझा था इसे सौदा
तो बराबरी का रहा हिसाब
न फायदा तुझे हुआ,न घाटे में रहे हम ,
सोचेंगे शायद यही हो मुकद्दर में लिखा हुआ ,
कोई शिकवा न शिकायत करेंगे हम
तू हमेशा बनाये रखता है भरम
बस ऐसी ही कोई तदबीर ,करते रहेंगे हम ,
राहें जुदा,ज़िन्दगी जुदा ,
तरीके जुदा ,फलसफे जुदा ,
शायद ही कभी एक राह पे
चल पाएंगे हम !!
रुखसत :विदा ,महफ़िल :सभा,मुकद्दर: : किस्मत,शिकवा : उलाहना,तदबीर; प्रयत्न,फलसफा : दर्शन ,मोहसीन : एहसान करनेवाला ,खिदमत : सेवा
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