मधुर स्मित----------------
एक गांव छोटा सा,
पहाड़ी पर बसा,
उसकी गलियां,वो रास्ते ढलान से भरे
गाँव के चारों ओर चारदिवारी मेहराबों से सजी,
और उनमे लगे विशालकाय प्रवेश द्वार,
एक बड़ा सा महल राजा का
महल की दीवारों में तोप चलाने के झरोखे
बूढा प्रभु भक्त राजा
ढेर सारे सेवकों से घिरा,
तीन राज कुमार,तीनो के महल कुछ कुछ दूर
तीनो समर्थ,जीते अपना अपना जीवन,
ढलान पर चारों ओर फैले खेत खलिहान
जिनके बीच से गुजरती पतली पगडंडियां
उन पगडंडियों पर उछलती दौड़ती मैं,
पकड़ने रंग बिरंगी तितलियाँ
बरसात में पेड़ों से ,उनके पत्तों से टपकती बूँदें,
पाठ शाला के बड़े से मैदान के चारों ओर
विशालकाय वृक्षों का बसेरा,
आज भी मेरा मन
उड़ उड कर जा पहुँचता है वहीँ
ये मधुरतम स्मृतियाँ
ले आतीं हैं मेरे अधरों पर मधुर स्मित !
शब्द अर्थ--मधुर्स्मित--मधुर मुस्कान ,मेहराबदार--कंगूरेदार
एक गांव छोटा सा,
पहाड़ी पर बसा,
उसकी गलियां,वो रास्ते ढलान से भरे
गाँव के चारों ओर चारदिवारी मेहराबों से सजी,
और उनमे लगे विशालकाय प्रवेश द्वार,
एक बड़ा सा महल राजा का
महल की दीवारों में तोप चलाने के झरोखे
बूढा प्रभु भक्त राजा
ढेर सारे सेवकों से घिरा,
तीन राज कुमार,तीनो के महल कुछ कुछ दूर
तीनो समर्थ,जीते अपना अपना जीवन,
ढलान पर चारों ओर फैले खेत खलिहान
जिनके बीच से गुजरती पतली पगडंडियां
उन पगडंडियों पर उछलती दौड़ती मैं,
पकड़ने रंग बिरंगी तितलियाँ
बरसात में पेड़ों से ,उनके पत्तों से टपकती बूँदें,
पाठ शाला के बड़े से मैदान के चारों ओर
विशालकाय वृक्षों का बसेरा,
आज भी मेरा मन
उड़ उड कर जा पहुँचता है वहीँ
ये मधुरतम स्मृतियाँ
ले आतीं हैं मेरे अधरों पर मधुर स्मित !
शब्द अर्थ--मधुर्स्मित--मधुर मुस्कान ,मेहराबदार--कंगूरेदार
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