मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

शनिवार, 7 मार्च 2020

Wajood Se : Nirupama Sinha !!{130} Main !!

मैं---------------------------

मैं कौन हूँ?यह प्रश्न अनुत्तरित है,सभी के लिए,
यदि नाम हटा दिया जाए?
तब सचमुच ही अनुत्तरित  है।
जन्म से पूर्व ,और मरणोपरांत,
"मैं"केवल एक शरीर हूँ,
आत्मा आजीवन संचालिका है,
जो है परमपिता परमात्मा का अंश,,
जब तक जीवन है,
कर्म है,माया है,मोह है,
मृत्यु पटाक्षेप है
जब तक जीवन है,
 संबंध हैं,रिश्ते हैं,
प्रेम है,घृणा भी है,
समय परिवर्तनशील है,
 क्या यह सत्य है?
जबकि समय की गति,
दिन रात का आना जाना,
सभी कुछ लयबद्ध है
ऋतु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं?
यदा कद अनपेक्षित हैं,
तो परिवर्तनशील क्या है?
मानव,उसकी सभ्यता,परंपराएं
हर युग में,जब जो सुविधाजनक लगा
मानव ने किया
और इस तरह रीतियां ,प्रथाएं,परंपराएं बनी
मानव का ज्ञान और उसकी प्रगति
 निसंदेह प्रशंसनीय है,
किन्तु अवनत होना चिंतनीय है!

शब्द-अर्थ--पटाक्षेप--पर्दा गिरना 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhioot-Adbhut!(22)

Mathuradas saw outside he felt that quite a long time had passed and now the girls should go back to their homes. He said, “ It’s too late ,...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!