कमलेश्वर घर पहुंचा तो देखा कि पापा आज घर जल्दी पहुंचे थे। उसे आश्चर्य हुआ। उसने देखा खेतों के लोग ,रामू काका ,मिश्री ,इमरती सभी तेजी से घर की साफ़ सफाई और सजावट में लगे थे। बैठक में भी कुछ लोग पापा के साथ विचार विमर्श कर रहे थे ,शायद भोजन और मिठाइयों के बारे में बातें हो रहीं थीं।कमलेश्वर रामू काका से कुछ पूछ पाता तभी पापा कुछ काम से अंदर आये,कमलेश्वर को देख कर बोले ,कल सुबह कहीं मत जाना ,महाविद्यालय भी नहीं "और वे पलट कर वापस बैठक में चले गए। कमलेश्वर कुछ सोचता हुआ अपने कमरे में चला गया। उसे कुछ पता नहीं चला क्या चल रहा है और क्या होनेवाला है। उसने सर झटक दिया और अपने कमरे में चला गया।
रणवीर सिंह के घर से यह समाचार निकल कर पूरे रतनगढ़ में फ़ैल गया कि कल सुबह दस बजे कमलेश्वर और रणवीर सिंह की चौथी पास बेटी अंजलि की सगाई होने वाली है। प्रभा को भी पता चला और उसे सहसा अंजुरी का ध्यान हो आया। कमलेश्वर और अंजुरी ने कभी भी किसी को पता ना चले ये जतन किये किन्तु प्रेम की सुगंध छुपाये नहीं छुपती,विशेष रूप से अति निकट रहन वाले लोगों से। चूँकि दोनों ही बहुत प्रभावशाली व्यक्तियों की संतान थे ,उन मित्रों ने इस बात को लेकर कोई संकेत उन्हें भी नहीं दिए। अंजुरी तक भी यह समाचार नाटकीय रूप से सामने आया। ड्राइवर रघुनाथ शाम को गार्ड से बात कर रहा था और संयोग वश ही अंजुरी वहां से गुज़र कर रही थी "विश्वनाथ सिंह के लड़के की सगाई है सुबह दस बजे। "रघुनाथ ने बोला "अच्छा ? आश्चर्य मिश्रित स्वर में गार्ड ने बोला। अंजुरी वहीँ ठिठक कर खड़ी हो गई ,अँधेरे के कारण कोई उसे सकता था। "लेकिन इतने आनन् फानन ? गार्ड ने पूछा "किससे ?" रणवीर सिंह की इकलौती बेटी से ""बड़े लोगों की बातें,क्या जाने क्यों इतनी जल्दबाजी,अभी तो दूसरे साल में पढ़ ही रहा है लड़का "रघुनाथ ने कहा "रणवीर सिंह की बेटी तो पढ़ी लिखी भी नहीं है ,दिमाग से पैदल है बिलकुल ,एकबार देखा था टेकरी वाले मंदिर में,इसीसे लगता है बात में कुछ पेंच है। ------क्रमशः----
रणवीर सिंह के घर से यह समाचार निकल कर पूरे रतनगढ़ में फ़ैल गया कि कल सुबह दस बजे कमलेश्वर और रणवीर सिंह की चौथी पास बेटी अंजलि की सगाई होने वाली है। प्रभा को भी पता चला और उसे सहसा अंजुरी का ध्यान हो आया। कमलेश्वर और अंजुरी ने कभी भी किसी को पता ना चले ये जतन किये किन्तु प्रेम की सुगंध छुपाये नहीं छुपती,विशेष रूप से अति निकट रहन वाले लोगों से। चूँकि दोनों ही बहुत प्रभावशाली व्यक्तियों की संतान थे ,उन मित्रों ने इस बात को लेकर कोई संकेत उन्हें भी नहीं दिए। अंजुरी तक भी यह समाचार नाटकीय रूप से सामने आया। ड्राइवर रघुनाथ शाम को गार्ड से बात कर रहा था और संयोग वश ही अंजुरी वहां से गुज़र कर रही थी "विश्वनाथ सिंह के लड़के की सगाई है सुबह दस बजे। "रघुनाथ ने बोला "अच्छा ? आश्चर्य मिश्रित स्वर में गार्ड ने बोला। अंजुरी वहीँ ठिठक कर खड़ी हो गई ,अँधेरे के कारण कोई उसे सकता था। "लेकिन इतने आनन् फानन ? गार्ड ने पूछा "किससे ?" रणवीर सिंह की इकलौती बेटी से ""बड़े लोगों की बातें,क्या जाने क्यों इतनी जल्दबाजी,अभी तो दूसरे साल में पढ़ ही रहा है लड़का "रघुनाथ ने कहा "रणवीर सिंह की बेटी तो पढ़ी लिखी भी नहीं है ,दिमाग से पैदल है बिलकुल ,एकबार देखा था टेकरी वाले मंदिर में,इसीसे लगता है बात में कुछ पेंच है। ------क्रमशः----
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