स्टाफ रूम काफी बड़ा था। सभी लोग सुविधापूर्वक वहां बैठ गए। इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी ने बोलना आरम्भ किया। सबसे पहले उन्होंने अनमोल ठाकुर और उनकी पत्नी अंजना से विनम्रता पूर्वक पूछा ,"अंजुरी कल सुबह किस समय घर से महाविद्यालय के लिए निकली थी ?"
अंजना ने कहा ," वह प्रातः साढ़े नौ बजे ही घर से निकली थी ,उसने नाश्ता किया था और कहा था कि लंच और डिनर की व्यवस्था महाविद्यालय में है। "तभी अनिरुद्ध चौधरी ने देखा कि सिंधु वर्गीस मैडम कुछ बोलना चाह रहीं थीं "अनिरुद्ध चौधरी ने उनकी ओर देखा , बोलीं ," महाविद्यालय में जूनियर्स को साडे बारह आने को कहा गया था ,लेकिन लंच की कोई व्यवस्था नहीं थी। सीनियर्स लड़कियों को एक ग्रुप डांस ही परफॉर्म करना था ,और उनकी प्रैक्टिस इतनी निष्णात थी ,कि,उन्हें संध्या चार बजे आने को कहा गया था,इस प्रकार हम जूनियर्स को एक रिहर्सल सही रूप में करा सकते थे और अनावश्यक भीड़ से बच सकते थे। "लेकिन ----वह बोलते बोलते रुक गई ------
हाँ ! कहिये ,अनिरुद्ध चौधरी ने प्रश्नवाचक दृष्टि से देखा ,सिंधु मैडम कुछ हिचकिचाती सी बोलीं ," सर हमने चार बजे तक बुलाया था ,किन्तु वह साडे छह बजे तक भी नहीं आयी तो हमने किसी को तहसीलदार साहब के घर भेजने की बात सोची,वह ग्रुप डांस की मुख्य नायिका थी। " उन्होंने आशा शर्मा मैडम की ओर देखा ,और उन्होंने भी हामी में सर हिलाया। " अनमोल ठाकुर और अंजना ठाकुर चौंक गए,वे चिंता में डूबे हुए थे।
इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी ने पूछा ," तो वह किस समय आयी ?
सिंधु मैडम बोलीं ," जब हम किसी को तहसीलदार साहब के बंगले पर भेजने के बारे में सोच ही रहे थे ,कि अचानक ही वह अवतरित हुई ,आश्चर्य इस बात का था कि वह पूरी तरह स्टेज पर जाने के लिए तैयार थी,ड्रेस और मेकअप में ,आश्चर्य ये था कि ,उसकी ड्रेस यहीं पडी थी ,ग्रीन रूम में, कुछ समय के लिए ग्रीन रूम खाली था जब शाम को सभी प्रतिभागियों को बरामदे में केंटीन वाले ने चाय लाकर पिलाई थी "
हम लोगों ने इस बात पर प्रश्न नहीं खड़े किये ,हमें संतोष था कि वह समय पर पहुँच गई थी --क्रमशः --
अंजना ने कहा ," वह प्रातः साढ़े नौ बजे ही घर से निकली थी ,उसने नाश्ता किया था और कहा था कि लंच और डिनर की व्यवस्था महाविद्यालय में है। "तभी अनिरुद्ध चौधरी ने देखा कि सिंधु वर्गीस मैडम कुछ बोलना चाह रहीं थीं "अनिरुद्ध चौधरी ने उनकी ओर देखा , बोलीं ," महाविद्यालय में जूनियर्स को साडे बारह आने को कहा गया था ,लेकिन लंच की कोई व्यवस्था नहीं थी। सीनियर्स लड़कियों को एक ग्रुप डांस ही परफॉर्म करना था ,और उनकी प्रैक्टिस इतनी निष्णात थी ,कि,उन्हें संध्या चार बजे आने को कहा गया था,इस प्रकार हम जूनियर्स को एक रिहर्सल सही रूप में करा सकते थे और अनावश्यक भीड़ से बच सकते थे। "लेकिन ----वह बोलते बोलते रुक गई ------
हाँ ! कहिये ,अनिरुद्ध चौधरी ने प्रश्नवाचक दृष्टि से देखा ,सिंधु मैडम कुछ हिचकिचाती सी बोलीं ," सर हमने चार बजे तक बुलाया था ,किन्तु वह साडे छह बजे तक भी नहीं आयी तो हमने किसी को तहसीलदार साहब के घर भेजने की बात सोची,वह ग्रुप डांस की मुख्य नायिका थी। " उन्होंने आशा शर्मा मैडम की ओर देखा ,और उन्होंने भी हामी में सर हिलाया। " अनमोल ठाकुर और अंजना ठाकुर चौंक गए,वे चिंता में डूबे हुए थे।
इंस्पेक्टर अनिरुद्ध चौधरी ने पूछा ," तो वह किस समय आयी ?
सिंधु मैडम बोलीं ," जब हम किसी को तहसीलदार साहब के बंगले पर भेजने के बारे में सोच ही रहे थे ,कि अचानक ही वह अवतरित हुई ,आश्चर्य इस बात का था कि वह पूरी तरह स्टेज पर जाने के लिए तैयार थी,ड्रेस और मेकअप में ,आश्चर्य ये था कि ,उसकी ड्रेस यहीं पडी थी ,ग्रीन रूम में, कुछ समय के लिए ग्रीन रूम खाली था जब शाम को सभी प्रतिभागियों को बरामदे में केंटीन वाले ने चाय लाकर पिलाई थी "
हम लोगों ने इस बात पर प्रश्न नहीं खड़े किये ,हमें संतोष था कि वह समय पर पहुँच गई थी --क्रमशः --
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