मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

मंगलवार, 22 मार्च 2022

Dharm & Darshan !! { Ishvarchandra Vidyasagar }

 *माँ एक शिक्षक होती है*


एक बार की बात है। ईश्वर चंद्र विद्यासागर अपनी घर के दरवाजे पर खड़े हुए थे। एक भिखारी को देख रहे थे, जो कि घरों-घरों में भीख मांग रहा था। उन्हें यह देखकर बहुत ही बुरा लगा, उस भिखारी पर उनको बहुत दया आ रही थी। वह दौड़ते हुए अपनी मां के पास गए हैं और माँ से कहां “मां मुझे उस भिखारी को कुछ देना है। कृपया मुझे कुछ दीजिए, जिससे कि मैं उस भिखारी की मदद कर सकूं।”


 
माँ सोने के कंगन पहनी हुई थी। उन्होंने अपने सोने के कंगन उतार कर उसको दे दीये और कहा इसे बेचकर तुम जरूरतमंदों और भिखारियों की मदद करो। जब तुम बड़े हो जाओगे तब मुझे ऐसे ही सोने के कंगन बनवा देना। ईश्वर चंद्र विद्यासागर उसे बेचकर उस भिखारी और जरूरतमंदों की मदद की। जब ईश्वर चंद विद्या सागर बड़े हुए तो उन्होंने अपनी पहली कमाई से अपनी मां के लिए सोने के कंगन बनवाया और अपनी मां को दिया और कहा मां मैने आपका कर्ज उतार दिया है, जो मैंने बचपन में लिया था।

माँ ने कहा बेटा मेरा कर्ज तो तब उतरेगा जब किसी दूसरे जरूरतमंद की जरूरत के लिए मुझे यह कंगन नहीं देने होंगे। ईश्वर चंद्र विद्यासागर को समझ में आ गया। मां द्वारा कही गयी बात। यह बात उनके दिल को छू गई और उन्होंने अपने जीवन में प्रण किया कि मैं हमेशा गरीब और जरूरतमंदों की मदद करूंगा। मैं अपना पूरा जीवन और अपना पूरे जीवन की कमाई हुई पूंजी को जरूरतमंदों को दे दूंगा।

महापुरुष ऐसे ही नहीं महान कहलाते हैं। उनका जीवन काटों और संघर्षों से भरा होता है। वह अपने जीवन में कई ऐसे परेशानियों को कर विजय प्राप्त करके आते हैं, जो आम इंसान के बस की बात नहीं होती, वह एक दिन में महापुरुष नहीं बनते हैं। उनका पूरा जीवन लग जाता है जब वह महान बनते हैं। मैं ऐसे मां और ऐसे महापुरुष को सादर प्रणाम करता हूं।

*शिक्षा- प्रत्येक माँ अपने संतान के लिए एक शिक्षक होती है। वह हमेशा उसे उस मार्ग पर भेजना चाहती है, जो सफलता की ओर जाता है। हमारे माता पिता हमेशा चाहते है कि उनकी संतान उनसे बढ़ कर करें और वे अपने जीवन में अपनी संतान को सफल होना देखना चाहते है। यही उनकी उपलब्धि होती है

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Pure gold !!

  1. It’s not important that who is ahead you and who is behind you the important thing is who is with you. 2.Let your faith be bigger than ...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!