मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

शनिवार, 29 मार्च 2025

Anupama — (1)

 अनुपमा 

आगमन से पहले ही नानी ने 

चुन लिया था नाम तुम्हारा अनुपमा 

सात वर्षों के लम्बे अंतराल पर आगमन तुम्हारा था 

मेरे लिए बहुत ही सुहाना 

गांभीर्य रहा चेहरे पर अधिकतर 

किंतु खिलखिलाता भी रहा बचपना

बुद्धिमान रहीं सदैव तुम 

बनी रहीं हम सभी की प्रेरणा 

और सभी के लिए सटीक रही 

तुम्हारी प्रत्येक मंत्रणा 

प्राचार्या बन वर्षों करती रहीं तुम , कर्म की उपासना 

रसोई में क्रियाशील हो तो 

बन जाती हो अन्नपूर्णा

सबपर लुटाती रहती हो स्नेह अपनत्व , रखती हो सच्ची संवेदना 

ईश्वर तुम्हें बचाए रखे बुरी नज़र से 

लगा कर रखे काजल का ड़िठौना

तुम्हें स्वस्थ रखे , दीर्घायु करे 

यही है उस परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना !🙏🏼🙏🏼

    ——- निरुपमा ————

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(86)

The nearby village people also gathered around because the sounds of Raja’s neighing was sharp but when all of them looked at the haveli it ...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!