108 का अंक हमारे धर्म में बहुत पवित्र माना गया है, इसीलिए माला में 108 मोती होते हैं और पूजा में 108 चीज़ें चढ़ाई जाती हैं। इसके मुख्य कारण हैं:
*1. 27 नक्षत्र और 4 दिशाएं*
ज्योतिष में 27 नक्षत्र होते हैं और हर नक्षत्र के 4 चरण होते हैं।
27 x 4 = 108. इसलिए 108 में पूरे ब्रह्मांड का हिसाब आ जाता है।
*2. सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का गणित*
वैज्ञानिकों ने भी माना है:
- सूर्य का व्यास, पृथ्वी के व्यास से लगभग 108 गुना बड़ा है।
- पृथ्वी से सूर्य की दूरी, सूर्य के व्यास से लगभग 108 गुना है।
- पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी, चंद्रमा के व्यास से लगभग 108 गुना है।
इसलिए 108 को ब्रह्मांड का संतुलन माना गया।
*3. शरीर के अंदर 108 नाड़ियों का मिलन*
योग के अनुसार हमारे हृदय में 108 मुख्य ऊर्जा रेखाएं मिलती हैं। एक पर ध्यान लगाने से मोक्ष का मार्ग खुलता है।
*4. मंत्र जप का कारण*
हम 108 बार जाप इसलिए करते हैं ताकि:
- 100 बार मंत्र अपने लिए और 8 बार अपने गुरु, देवी-देवता और समस्त ब्रह्मांड के लिए।
- 108 बार जपने से मन एकाग्र होता है और फल पूरा मिलता है। 100 से कम में फल अधूरा माना जाता है।
*5. 108 चीजें क्यों देते हैं?*
जब हम भगवान को 108 फूल, बेलपत्र, लड्डू चढ़ाते हैं तो इसका मतलब है हम अपनी पूरी श्रद्धा से, पूरे ब्रह्मांड की तरफ से अर्पण कर रहे हैं। 108 को पूर्णता का प्रतीक माना गया है, जैसे 108 उपनिषद, 108 नाम जप।
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