वक़्त न टालो देरी का नतीजा भयंकर है —शेक्सपीयर
मनुष्य जिस समय पशुतुल्य आचरण करता है उस समय वह पशु से भी नीचे गिर जाता है —रवीन्द्रनाथ
मनुष्य का आचरण ही बतलाता है कि वह कुलीन है या अकुलीन ,वीर है या कायर ,अथवा पवित्र है या अपवित्र —महर्षि वाल्मिकी
सूझे से बूझा भला
अगर आप किसी स्त्री की उम्र जानना चाहते हैं तो उसकी ननद से पूछें —-इव हो
मित्रता के फूल मन के बगीचे में ही खिलते हैं ,आदमी का व्यक्तित्व उसकी अपनी कमाई है —नेहरू
शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो जाए हमारा हथौड़ा ठण्ड ही काम देगा —सरदार पटेल
जैसे मैले बर्तन में डाला हुआ पानी मैला हो जाता है वैसे ही मैले मन में अच्छे विचार भी मैले हो जाते हैं —-जॉन केनेडी
बुरी पुस्तक पढ़ना ज़हर पीने के सामान है —-अज्ञात
जिसे अपने पर भरोसा नहीं वह भला दूसरे की मदद कैसे कर सकता है —-फिलिप सिडनी
विपत्ति आती है तो ज्यादा आराम करनेवाले सामना नहीं कर पाते हैं —होमर
ईर्ष्यालू व्यक्ति स्वयं ही ईर्ष्याग्नि में जल करता है उसे और जलाना व्यर्थ है —शेख सादी
आलस्य दुर्बल मन वालों की एक मात्र शरण है और मूर्खों का अवकाश दिवस —चेस्टरफील्ड
महान पुरुष जो उपकार करते हैं उसका बदला नहीं चाहते हैं भला संसार में जल बरसाने वाले बादलों का बदला कैसे चुकाया जा सकता है —तिरुवल्लुवर
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