Monday, September 25, 2017

Dharm & Darshan !! 408 { GEETA }



   
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*Ⓜ कर्म भोग Ⓜ*

Ⓜ  पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नि, प्रेमी-प्रेमिका, मित्र-शत्रु, सगे-सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं, सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है ।

Ⓜ    *सन्तान के रुप में कौन आता है ?*

Ⓜ  वेसे ही सन्तान के रुप में हमारा कोई पूर्वजन्म का 'सम्बन्धी' ही आकर जन्म लेता है । जिसे शास्त्रों में चार प्रकार से बताया गया है --

Ⓜ  *ऋणानुबन्ध  :* पूर्व जन्म का कोई ऐसा जीव जिससे आपने ऋण लिया हो या उसका किसी भी प्रकार से धन नष्ट किया हो, वह आपके घर में सन्तान बनकर जन्म लेगा और आपका धन बीमारी में या व्यर्थ के कार्यों में तब तक नष्ट करेगा, जब तक उसका हिसाब पूरा ना हो जाये ।

Ⓜ  *शत्रु पुत्र  :* पूर्व जन्म का कोई दुश्मन आपसे बदला लेने के लिये आपके घर में सन्तान बनकर आयेगा और बड़ा होने पर माता-पिता से मारपीट, झगड़ा या उन्हें सारी जिन्दगी किसी भी प्रकार से सताता ही रहेगा । हमेशा कड़वा बोलकर उनकी बेइज्जती करेगा व उन्हें दुःखी रखकर खुश होगा ।

Ⓜ  *उदासीन पुत्र  :* इस प्रकार की सन्तान ना तो माता-पिता की सेवा करती है और ना ही कोई सुख देती है । बस, उनको उनके हाल पर मरने के लिए छोड़ देती है । विवाह होने पर यह माता-पिता से अलग हो जाते हैं ।

Ⓜ  *सेवक पुत्र  :* पूर्व जन्म में यदि आपने किसी की खूब सेवा की है तो वह अपनी की हुई सेवा का ऋण उतारने के लिए आपका पुत्र या पुत्री बनकर आता है और आपकी सेवा करता है । जो  बोया है, वही तो काटोगे । अपने माँ-बाप की सेवा की है तो ही आपकी औलाद बुढ़ापे में आपकी सेवा करेगी, वर्ना कोई पानी पिलाने वाला भी पास नहीं होगा ।

Ⓜ  आप यह ना समझें कि यह सब बातें केवल मनुष्य पर ही लागू होती हैं । इन चार प्रकार में कोई सा भी जीव आ सकता है । जैसे आपने किसी गाय कि निःस्वार्थ भाव से सेवा की है तो वह भी पुत्र या पुत्री बनकर आ सकती है । यदि आपने गाय को स्वार्थ वश पालकर उसको दूध देना बन्द करने के पश्चात घर से निकाल दिया तो वह ऋणानुबन्ध पुत्र या पुत्री बनकर जन्म लेगी । यदि आपने किसी निरपराध जीव को सताया है तो वह आपके जीवन में शत्रु बनकर आयेगा और आपसे बदला लेगा ।

Ⓜ  इसलिये जीवन में कभी किसी का बुरा ना करें । क्योंकि प्रकृति का नियम है कि आप जो भी करोगे, उसे वह आपको इस जन्म में या अगले जन्म में सौ गुना वापिस करके देगी । यदि आपने किसी को एक रुपया दिया है तो समझो आपके खाते में सौ रुपये जमा हो गये हैं । यदि आपने किसी का एक रुपया छीना है तो समझो आपकी जमा राशि से सौ रुपये निकल गये । 

Ⓜ  ज़रा सोचिये, "आप कौन सा धन साथ लेकर आये थे और कितना साथ लेकर जाओगे ? जो चले गये, वो कितना सोना-चाँदी साथ ले गये ? मरने पर जो सोना-चाँदी, धन-दौलत बैंक में पड़ा रह गया, समझो वो व्यर्थ ही कमाया । औलाद अगर अच्छी और लायक है तो उसके लिए कुछ भी छोड़कर जाने की जरुरत नहीं है, खुद ही खा-कमा लेगी और औलाद अगर बिगड़ी या नालायक है तो उसके लिए जितना मर्ज़ी धन छोड़कर जाओ, वह चंद दिनों में सब बरबाद करके ही चैन लेगी ।"

Ⓜ  मैं, मेरा, तेरा और सारा धन यहीं का यहीं धरा रह जायेगा, कुछ भी साथ नहीं जायेगा । साथ यदि कुछ जायेगा भी तो सिर्फ *नेकियाँ* ही साथ जायेंगी । इसलिए जितना हो सके *नेकी* करो *सतकर्म* करो ।

           *श्रीमद्भभगवतगीता।*

Sunday, September 24, 2017

Proverbs !! L { 1 }

Labour is love love is labour
Labour conquers all things 
The labour is worthy of his reward
Labour is light where love do plays
Hethat labours and thrives spins gold
Lack--No lack no lack a wife
He that lacks my mare would buy my mare
Who lacks a stock ,his gain is not worth a chip
Lad--Lad's love is lassies' delight and if lads won't love ,lassies will flite
Lad's love's busk of broom hot awhile and soon done
Lady--When our lady falls in our lord's lap,than England beware a sad clap
Nothing agree worse than a lady's heart and a beggar's purse
Laird--if a laird slight the lady so will all the kitchen
Lamb-- Like lambs to the slaughter
Like lambs you do nothing but suck and wag your tail
Lame-- The lame post brings the truest news
The lame's tongue gets nothing
Land Land was never lost for want of heir
He that has some land must have some labour
If a man owns land the land owns him
He that has lands has quarrels

Proverbs !! K { 2 }

Kiss -- Kiss and be friends
Kisses are keys 
Many Kiss the child for nurse's sake
Many kiss the hand and wish cut off
Kitchen-- Kitchen physic is the best physic
Kite--A carrion kite will never be a good halk
Knave--Knaves and fools divide the world 
I'd rather have a knave than a fool
No knave to the learned knave
Knaves imagine nothing can be done without knavery
Knavery may serve for turn but honesty is best at long run
There is knavery in all trands but most in tailors
Knock --To knock at a deaf man's door
He gives knock on the hoop and another on the barrel
He got knock in the cradle
Know--I know your thoughts as well as if I were within you
Know him not should I meet him in my pottage dish
You know good manners but you use but a few 
Men know how the market goes by the market mess 
I know what I know
You may know by a penny how a shilling spends
We know not who lives and who dies
You can not know wine by barrel
You never know what you can do till you try
You may know the horse by his harness
He that knows when he has enough ,is no fool
Knowledge--First know yourself 
Knowledge is power
Knowledge is know burden
Let all knowledge be your province
Better know nothing than half know something
knowledge is folly if grace guides it not
Knowledge makes one laugh but wealth makes one dance.
Knows--Who knows who's good maid
None knows the weight of another's burden
He knows how to carry the dead cock home
He knows not a B from battledore
He knows on which side his bread is buttered
He knows not a pig from a dog
He knows how many beans make five
He knows one point more than the devil
He that knows what may be gained in a day never steels

Proverbs !! K { 1 }

Keep--Keep off and give fair words.
Keep some till more will come
Keep good men company and you shall be of the number
Keep your shop and shop will keep you
I will keep no more cats than will catch mice
Keep a thing seven years and you will find a use of it.
Keep the pot boiling
When shall keep the keepers
Keep your mouth shut and your eyes open
He keeps his road well enough who gets rid of bad company
Who shall keep the keeper ?
Keep the staff in your own hand
He that keeps his own makes no war
Kens-- He kens groats among other folk's kail
Keys--All the keys hang not at one man's girdle
He tries all the keys in the bunch 
Kick-- The kick of the dame hurts not the colt
Kill-- He will kill a man for a mess of mustard 
To kill two birds with one stone
To kill two flies with one flap
To kill with kindness
We don't kill a pig every day
This is he that killed the blue spider in blanch powder land.
It is killing a crow with an empty sling
He often kills that thinks but to hurt
Killing no murder 
He that kills a man when he is drunk shall be hanged when he is sober
Kind-- Kind hearts are soonest wronged
Kindness can not be bought for gear
Kindness comes of will
King-- Kings are out of play
The king and the pope the lion and the wolf
A king's face should give grace
The king never dies
The king can do not wrong 
Kings have long arms 
Kings and bears worry their keepers
The king of good fellows is appointed for the queen of beggars 
You should be a king of your own word
King Harry loved a man
Kings have many ears and many eyes
In the kingdom of blind men ,the oneeyed is king

Saturday, September 23, 2017

Proverbs !! J { 1 }

Jack among  the maids.
Jack of all trades and master of none.
Jack of both sides.
Jack is as good as his master.
Jack and Jill went up the hill
Not Jack -out-of -door ,nor yet gentleman
If Jack's in love he's no judge of Jill's beauty
Jacks are common to all that will play 
Janiveer--Janiveer freeze the pot by the fire
January--A summerish January a Winterish Spring
Jealousy--Many a true word is spoken in jest
Jew--The Jews spend at Easter the moors at marriages 
the Christians in suits.
To undo a a Jew is charity and not sin
Joke--A Joke breaks no bones
Joy-- No joy without annoy
Joy delights in Joy
With all your joy join all your Jeopardy 
The Joy of the heart makes the face merry
Judge--Who judges others condemns himself
Judges are simple minded people
Judge not that ye be not judged
No man ought to be a judge in his own cause
Just-- Be just before you are generous
A just war is better than an unjust peace
Justice--Delay of justice is injustice
Justice pleases few in their own house
Let justice be done though the heavens fall.

Dharmshala !!

धर्मशाला !!

जब से मैंने बचपन में शुरू की थी पाठशाला 
तब से ही आँखें विस्फारित है 
मन विस्मित है,निरुत्तर,प्रश्नों का अम्बार है किन्तु  
उत्तरों के कक्ष पर लटका है बड़ा सा ताला 
इतिहास की पढ़ाई तो ऐसी लगी 
कभी खत्म ही ना हुआ हो विदेशियों के आने का सिलसिला 
शक, हूण,मुस्लिम मुग़ल ,पोर्तुगीज ,
फ्रेंच अँगरेज़ और ना जाने कौन कौन 
कुछ लुटेरे ,कुछ बेतहाशा खून बहाने वाले 
तैमूर और चंगेज़खान से वहशी दरिंदे 
कुछ यही आ के बस गए मानो 
हिन्दोस्तान जायदाद है उनकी 
हक़ - ए - मेहर में लाई हो उनकी खाला,
आजाद हुआ मुल्क बरसों बाद 
तो सब खुश हुए ,चलो निजात मिली 
लेकिन कहाँ ? जनाब ! यहाँ तो नेताओं के भेस में 
कुर्सी पर जम के बैठे थे वोटों के दलाल 
उन्हें अवाम से क्या निस्बत, वोटों की बदौलत करते रहे 
बरसों तक ,घोटाले पर घोटाला ,
इतने घोटाले किये इन्होने की ,
गिनती करने में उनकी ,मेरे दिमाग में भी 
हो जाता है घोटाला 
ऐसा तो दुनिया में कोई देश ना होगा 
जिसमे कोई पाबन्दी ही ना हो 
आओ ,आके बस जाओ ,
बना डाला है इसे धर्मशाला 
और अब रोहिंग्या की बात चली है 
तो कुछ नेताओं के दिल में फिर से दर्द उठा है 
हमारी रोटी,हमारे रोज़गार ,हमारी सुविधाएं 
फिर से उनके और हिस्सेदार बनाने को हैं तैयार 
ये निकम्मे ,ये दोगले और गद्दार नेता 
जायज़ नाजायज़ वोटों का हरदम जोड़ते हैं हिसाब 
चाचा भतीजा बहनोई साला 
या फिर नक़ाब के पीछे छुपा हुआ कोई 
अपनी असलियत छुपाता " बंगाली रसगुल्ला " !! 

Friday, September 22, 2017

Sher Behatreen !!

अकेला देख के आ जाती है सताने मुझे 
तुम्हारी याद को कोई काम धाम नहीं है क्या ?--असद अजमेरी 

इम्तहान समझ के सारे गम सहा करें 
शख्सियत महक उट्ठेगी ,बस खुश रहा करें 

इतनी ठोकरें देने के लिए शुक्रिया ऐ ज़िन्दगी 
चलने का ना सही सम्हालने का हुनर तो आ गया 

भीड़ का हिस्सा बनूँ ,ये फितरत नहीं है मेरी 
मुझे आदत है काफिले बनाने की 

बस गमो को गुमराह कर दें 
खुशियां खुद लौट आएँगी 

जो कभी संघर्ष से परिचित नहीं होता 
इतिहास गवाह है वो कभी चर्चित नहीं होता !