गद्दार—2
शिक्षण संस्थानों में खुलकर
देखो उग रहेगद्दार
कश्मीर की आजादीके पक्षधर ,
ये दुश्मन ये पैरोकार
आतंकवादी को बतारहे शहीद
फांसी को अत्याचार
लोकतंत्र की न्यायप्रक्रिया
और संविधान को कहेंबेकार
समाजवाद और साम्यवादके
जाने कितने ठेकेदार
हर प्रान्त में झंडालेकर
जनता को करतेखबरदार
सरकार की बुराईकरने का
अचूक समझें ये हथियार
" सामाजिकन्याय " इस शब्दको
बोले ,ये यादवकभी वोयादव
कभी ये कुमार,कभी वो कुमार
सत्ता तक पहुंचनेकी कला के
ये सारे शातिर,घाघ ,कलाकार
कुर्सी को पातेही दिल बाग़बाग़
बन जाते हैंये महाराजाधिराज
हर सुख ,हरऐश्वर्य भोगते ,
जनता को झोंकदेते हैं "भाड़"
बेवकूफ हैं वोसारे जो,
बजा रहे भाषणपे ताली ,
अरे मूर्खों ! ये तालीही बन जायेगी
कल उलटी तुमपर गाली !!
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