वो बेवफा कहे मुझे जिससे वफ़ा करूँ,
मैं बदनसीब अपने मुकद्दर को क्या करूँ!
मैं बदनसीब अपने मुकद्दर को क्या करूँ!
न गरज किसी से न वास्ता ,मुझे काम अपने ही काम से,
तेरे ज़िक्र से तेरो फ़िक्र से तेरी याद से तेरे नाम से!
तेरे ज़िक्र से तेरो फ़िक्र से तेरी याद से तेरे नाम से!
दर्द का मेरे यकीं आप करें या न करें ,
अर्ज इतनी है की इस राज का चर्चा न करें!
अर्ज इतनी है की इस राज का चर्चा न करें!
तू देख रहा है जो मेरा हाल है कासिद,
मुझको यही कहना है के मैं कुछ नहीं कहता!
मुझको यही कहना है के मैं कुछ नहीं कहता!
वो दूर ही से हमें देख लें यही है बहुत,
मगर क़ुबूल हमारा सलाम हो जाए!
मगर क़ुबूल हमारा सलाम हो जाए!
बे तुम्हारे मैं जी गया अब तक,
तुमको क्या खुद मुझे यकीं नहीं!
तुमको क्या खुद मुझे यकीं नहीं!
जिंदगी से तो खैर शिकवा था,
मुद्दतों मौत ने भी तरसाया!
मुद्दतों मौत ने भी तरसाया!
उम्र फानी है तो फिर मौत से डरना कैसा
इक न इक रोज़ यह हंगामा हुआ रक्खा है!
इक न इक रोज़ यह हंगामा हुआ रक्खा है!
मोहब्बत की दुनिया में सबकुछ हसीं है,
मोहब्बत नहीं है तो कुछ भी नहीं है!
मोहब्बत नहीं है तो कुछ भी नहीं है!
अफ़सोस ! दिल का हाल कोई पूछता नहीं,
यह कह रहे हैं सब तेरी सूरत बदल गई!
यह कह रहे हैं सब तेरी सूरत बदल गई!
चश्म बन्दों लब व् बन्दों गोश बंद,
गर न बीनी सरे हक बार मन बिखंद!
अर्थ—यदि तू उपरवाले के गुप्त रहस्यों का पता लेना चाहता है तो आँख बंद कर,होंठ बंद कर,और कान बंद कर!
गर न बीनी सरे हक बार मन बिखंद!
अर्थ—यदि तू उपरवाले के गुप्त रहस्यों का पता लेना चाहता है तो आँख बंद कर,होंठ बंद कर,और कान बंद कर!
तू बचा बचा के न रख इसे,
तेरा आईना है वो आईना ,
कि शिकस्त हो तो अज़ीज़ मंद,
है निगाह एआईना साज़ में!
तेरा आईना है वो आईना ,
कि शिकस्त हो तो अज़ीज़ मंद,
है निगाह एआईना साज़ में!
अब मुझको है करार ,तो सबको करार है,
दिल क्या ठहर गया कि ज़माना ठहर गया!
मौसम बदलता है बहारों को देख कर,
ए दोस्त तू न बदलना मेरा वक़्त देख कर!
दिल क्या ठहर गया कि ज़माना ठहर गया!
मौसम बदलता है बहारों को देख कर,
ए दोस्त तू न बदलना मेरा वक़्त देख कर!
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