मेरे बारे में---Nirupama Sinha { M,A.{Psychology}B.Ed.,Very fond of writing and sharing my thoughts

मेरी फ़ोटो
I love writing,and want people to read me ! I some times share good posts for readers.

मंगलवार, 15 मई 2018

Anmol Moti !! {50 }

सुंदरता --क्षण प्रतिक्षण जो नवीन दिखाई पड़े वही सुन्दरता का उत्कृष्ट नमूना है --टैगोर 
अच्छा स्वभाव सदैव सुंदरता के अभाव को पूरा कर देता है लेकिन सुंदरता अच्छे स्वभाव के अभाव की पूर्ती नहीं करती 
सुंदरता बिना श्रृंगार के ही मन मोह लेती है --शेख सादी 
जो स्वयं सुन्दर है उसकी सुंदरता किसी अन्य वस्तु से नहीं बढ़ती --कालिदास 
सुंदरता का माधुर्य नित्यप्रति बढ़ता जाता है उसका कभी ह्रास   नहीं होता --कीट्स 
जहाँ सत्य है जहाँ शिव है सुंदरता वहीँ है --अज्ञात 
सुंदरता की खोज में हम चाहे सारे संसार का चक्कर लगा आएं अगर हमारे अंदर नहीं तो हमें कहीं नहीं मिलेगी --एमर्सन 
सुंदरता संसार भर की सिफारिशी चिट्ठियों से बढ़कर है --अरस्तु 
सेवा --सेवा हृदय और आत्मा को पवित्र करती है सेवा से ज्ञान प्राप्त होता है और यही जीवन का लक्ष्य है --शिवानंद 
सेवा से सौभाग्य प्राप्त होता है --शेख सादी 
वास्तविक स्नेह प्रशंसा से नहीं सेवा से दर्शाया जाता है --गाँधी 
गरीबों की सेवा ईश्वर की सेवा है --सरदार पटेल 
फल की सेवा मूल्यवान है पुष्प की सेवा मधुर है परन्तु विनीत भाव से छाया करने वाली पत्तियों की सेवा के सदृश्य मेरी सेवा हो --टैगोर 
सेवा धरम कठिन जग जाना --तुलसीदास 
स्नेह --स्नेह जितना गुप्त और जितना एकांत होता है ूटन ही प्रबल होता है --टैगोर 
स्नेह के कारण ही विषयों की सत्ता का अनुभव होता है अनुरक्ति होती है --वेदव्यास 
स्नेह अपने स्नेह पात्र को कभी याद नहीं करता क्योंकि वह उसे भूलता नहीं --अज्ञेय 
स्वतंत्रता --स्वतंत्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है --तिलक 
जब स्वतंत्रता चली जाती है तब जीवन निस्तेज हो जाता है और उसमे कोई उत्साह नहीं रहता --एडिसन 
स्वतंत्रता राष्ट्रों की शाश्वत यौवनावस्था है --फ्रॉय 
जिस परमात्मा ने हमको जीवन दिया है उसने उसी समय हमको स्वतंत्रता देवी के उपासक तोते को पिंजरे में बंद नहीं रखा जा सकता --विनोबा 
आँखों के लिए जैसे प्रकाश है फेफड़ों के लिए जैसे वायु है हृदय के लिए जैसे प्रेम है उसी प्रकार मानवात्मा के लिए स्वतंत्रता है --इंगरसोल 
मनुष्यता का संगीत स्वतंत्रता की ओर क्रियाशील रहता है --सुभाषचंद्र बोस 
सुरक्षा के लिए स्वतंत्रता की भी सीमा होनी चाहिए --बर्क 
स्वतंत्रता के विजयनाद एक दिवस में ही प्राप्त नहीं किये जा सकते क्योंकि स्वतंत्रता की देवी बड़ी कठिनाई से तृप्त एवं संतुष्ट होती है वह मात्र भक्तों की कठोर एवं दीर्घ कालीन तपस्या चाहती है और परीक्षा भी लेती है --सुरेन्द्रनाथ बनर्जी 
स्वभाव--अच्छे स्वभाव का उत्कृष्ट अंश है दूसरे के बुरे स्वभाव को सह लेना -- ए म्पसन 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Dharavahik upanyas Bhoot-Adbhut!(35)

Mathuradas asked ,” What’s the time ? “ No one had have watch and there was no clock in Mathuradas’s house. So he went out to ask about the ...

Grandma Stories Detective Dora},Dharm & Darshan,Today's Tip !!