तमाम उम्र काट दी फक्कड़ों की तरह ,
ज़िन्दगी भी जी ली फ़क़ीरों की तरह ,
मीलों की दूरी नाप दी ,दो वक़्त की रोटी के लिए
बड़ी मशक्कत की,हर एक दिन गुज़ारने के लिए
हर एक सवाल सुलझाने के लिए
हर मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए
कभी मयस्सर न हुआ चैन ,न सुकून से कटे दिन
बार बार तबाह किया ,आँधियों ने नशेमन
बार बार तिनके चुन बनाती रही
वक़्त के बहाव में बहती रही ,
गिरती रही ,सम्हलती रही
फिर भी साड़ी मुश्किलों में मुस्कुराती रही
जीती रही ज़िंदादिली के साथ
खुदा का शुक्र अदा करती रही कि उसने नवाज़ा है मुझे
अपने खजाने के एक नायाब नगीने से ,
मेरा वारिस,जिसने कोई शिकायत किये बगैर
मुफलिसी में भी अहम मकाम पाया है
एहसास है जिसे मेरे दर्द ओ मुसीबत का
और बन गया है जो मेरा रहनुमा मेरा मुहाफ़िज़ !
मशक्कत : कड़ी मेहनत ,मयस्सर : मिलपाना,ज़िंदादिली : जीवन शक्ति ,शुक्र अदा करना : धन्यवाद देना ,नवाज़ा: दिया है ,नायाब : जिसकी कोई तुलना न हो ,मुफलिसी : गरीबी,मकाम : स्थान ,रहनुमा:देखभाल करने वाला ,मुहाफ़िज़: रक्षक ,नशेमन : घोंसला
ज़िन्दगी भी जी ली फ़क़ीरों की तरह ,
मीलों की दूरी नाप दी ,दो वक़्त की रोटी के लिए
बड़ी मशक्कत की,हर एक दिन गुज़ारने के लिए
हर एक सवाल सुलझाने के लिए
हर मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए
कभी मयस्सर न हुआ चैन ,न सुकून से कटे दिन
बार बार तबाह किया ,आँधियों ने नशेमन
बार बार तिनके चुन बनाती रही
वक़्त के बहाव में बहती रही ,
गिरती रही ,सम्हलती रही
फिर भी साड़ी मुश्किलों में मुस्कुराती रही
जीती रही ज़िंदादिली के साथ
खुदा का शुक्र अदा करती रही कि उसने नवाज़ा है मुझे
अपने खजाने के एक नायाब नगीने से ,
मेरा वारिस,जिसने कोई शिकायत किये बगैर
मुफलिसी में भी अहम मकाम पाया है
एहसास है जिसे मेरे दर्द ओ मुसीबत का
और बन गया है जो मेरा रहनुमा मेरा मुहाफ़िज़ !
मशक्कत : कड़ी मेहनत ,मयस्सर : मिलपाना,ज़िंदादिली : जीवन शक्ति ,शुक्र अदा करना : धन्यवाद देना ,नवाज़ा: दिया है ,नायाब : जिसकी कोई तुलना न हो ,मुफलिसी : गरीबी,मकाम : स्थान ,रहनुमा:देखभाल करने वाला ,मुहाफ़िज़: रक्षक ,नशेमन : घोंसला
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