कर लो पूरे सारे फ़र्ज़
न जाने मौत की कौनसी घडी मुक़र्रर हो ,
चूका दो यहीं पे सारे क़र्ज़,
न जाने आँखें कब बंद हो जाएँ ,
जी लो जीभर कर ज़िन्दगी ,
न जाने कब ज़िन्दगी देगा दे जाए ,
बड़ी से तौबा नेकी से दोस्ती कर लो ,
न जाने कब हिसाब देना पद जाए ,
कुछ तो कर लो ऐसा ,
अपनों के दिलों में मीठी याद बन जाए
जिस्म से भले ही जान निकले ,
तुम्हारा नाम रह जाए !
फ़र्ज़ : कर्तव्य ,मुक़र्रर : तय,बदी : बुरे कर्म
न जाने मौत की कौनसी घडी मुक़र्रर हो ,
चूका दो यहीं पे सारे क़र्ज़,
न जाने आँखें कब बंद हो जाएँ ,
जी लो जीभर कर ज़िन्दगी ,
न जाने कब ज़िन्दगी देगा दे जाए ,
बड़ी से तौबा नेकी से दोस्ती कर लो ,
न जाने कब हिसाब देना पद जाए ,
कुछ तो कर लो ऐसा ,
अपनों के दिलों में मीठी याद बन जाए
जिस्म से भले ही जान निकले ,
तुम्हारा नाम रह जाए !
फ़र्ज़ : कर्तव्य ,मुक़र्रर : तय,बदी : बुरे कर्म
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