नहीं मिलती उन्हें फुर्सत,
हमारा हाल पूछने की
किस तरह जीते हैं हम ,
ये बात जानने की
हमने सरताज बनाया
पहनाया सर पे ताज उन्हें
वो हमारी ओर बस
कातिल मुस्कराहट ही उछालते रहे
क़त्ल करते रहे हमारा
अरमानो को दफनाते रहे
जब हमने की बुलंद
आवाज़ ए खिलाफत
उन्होंने फिर दिखाया ,
दिल फरेब तमाशा एक
और बड़ी मासूमियत से जताया
दावा हमसे हमदर्दी का
दरअसल वो मसरूफ रहते हैं
अपने अफरात खजाने छुपाने में
मुब्तला रहते हैं ,ज़ोर आज़माइश में,
ताकि कुर्सी बानी रहे किसी भी तौर !!
दिलफरेब: दिल को धोखा देनेवाला ,मसरूफ:व्यस्त ,मुब्तला: कार्य विशेष से जुड़े रहना ,अफरात: अनन्य ,आज़माइश : परीक्षा
हमारा हाल पूछने की
किस तरह जीते हैं हम ,
ये बात जानने की
हमने सरताज बनाया
पहनाया सर पे ताज उन्हें
वो हमारी ओर बस
कातिल मुस्कराहट ही उछालते रहे
क़त्ल करते रहे हमारा
अरमानो को दफनाते रहे
जब हमने की बुलंद
आवाज़ ए खिलाफत
उन्होंने फिर दिखाया ,
दिल फरेब तमाशा एक
और बड़ी मासूमियत से जताया
दावा हमसे हमदर्दी का
दरअसल वो मसरूफ रहते हैं
अपने अफरात खजाने छुपाने में
मुब्तला रहते हैं ,ज़ोर आज़माइश में,
ताकि कुर्सी बानी रहे किसी भी तौर !!
दिलफरेब: दिल को धोखा देनेवाला ,मसरूफ:व्यस्त ,मुब्तला: कार्य विशेष से जुड़े रहना ,अफरात: अनन्य ,आज़माइश : परीक्षा
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