जोर --
एक जोर आज़माइश है ज़िन्दगी ,
अपनी अपनी डोर का एक सिरा ,
थामे खड़ा मज़लूम और मजबूर ,
दूसरी ओर खड़ा है ,
ताक़तवर ,दौलतमंद ,ओहदेदार ,असरो रसूख वाला ,
कद्दावर मगरूर ,
गिरता है ,उठता है ,फिर गिरता है,
मज़लूम और मजबूर,
ठठाकर हँसता है ,
दूसरी ओर खड़ा,दौलत के नशे में धुत्त मगरूर,
उसके लिए यह खेल है ,है तफरीह ,
खुद को सम्हाले रखने पर टिका है ,
दारोमदार ए ज़िन्दगी ए मजबूर
इसी पर होती है उसकी सारी तरजीह
एक पिद्दी एक पहलवान
फिर भी ज़ोर आज़माइश चलती रहती है !!
आज़माइश : परीक्षा ,मज़लूम:कमज़ोर,मगरूर:घमंडी,तफरीह : मनोरंजन ,तरजीह : ध्यान
एक जोर आज़माइश है ज़िन्दगी ,
अपनी अपनी डोर का एक सिरा ,
थामे खड़ा मज़लूम और मजबूर ,
दूसरी ओर खड़ा है ,
ताक़तवर ,दौलतमंद ,ओहदेदार ,असरो रसूख वाला ,
कद्दावर मगरूर ,
गिरता है ,उठता है ,फिर गिरता है,
मज़लूम और मजबूर,
ठठाकर हँसता है ,
दूसरी ओर खड़ा,दौलत के नशे में धुत्त मगरूर,
उसके लिए यह खेल है ,है तफरीह ,
खुद को सम्हाले रखने पर टिका है ,
दारोमदार ए ज़िन्दगी ए मजबूर
इसी पर होती है उसकी सारी तरजीह
एक पिद्दी एक पहलवान
फिर भी ज़ोर आज़माइश चलती रहती है !!
आज़माइश : परीक्षा ,मज़लूम:कमज़ोर,मगरूर:घमंडी,तफरीह : मनोरंजन ,तरजीह : ध्यान
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