एहसान फरामोशों से भरी है दुनिया
खुदगर्ज़ इंसानों का हुजूम है
सिर्फ खुद को सोचता है ,
खुद के लिए करता है सबकुछ
खुद से बाहर न देखता है कुछ
न सुनना चाहता है कुछ ,
इसे खुदा ने बनाना चाहा था कुछ
इसकी शक्ल बन गई है
और ही कुछ !!
एहसान फरामोश : कृतघ्न ,खुदगर्ज़ : स्वार्थी
खुदगर्ज़ इंसानों का हुजूम है
सिर्फ खुद को सोचता है ,
खुद के लिए करता है सबकुछ
खुद से बाहर न देखता है कुछ
न सुनना चाहता है कुछ ,
इसे खुदा ने बनाना चाहा था कुछ
इसकी शक्ल बन गई है
और ही कुछ !!
एहसान फरामोश : कृतघ्न ,खुदगर्ज़ : स्वार्थी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें