सात तालों में बंद होते हैं अब ,लोगों का वजूद ,
जो सबसे ऊपर होता है ,सबको दिखलाई पड़ता है ,
वो दरअसल होता है एक किरदार ,
जो वह निभा रहा होता है उस ख़ास वक़्त में,
किरदार तो अलग अलग होते हैं ,
एक दिन में कई से लेकर एक उम्र तक में कई तक ,
ताज्जुब तब होता है जब ,
एक वक़्त में एक किरदार के भी कई रंग दिखते हैं,
जो दरअसल बदरंग होते हैं ,
गर कामयाब हो गए ,आप,
इन सात तालों के पीछे छुपे वजूद तक झाँक लेने में ,
तो आप पाएंगे वहां ,
एक शुष्क बंजर ज़मीन ,कंटीली झाड़ियाँ बेतरतीब !!
किरदार : चरित्र,वजूद : व्यक्तित्व,ताज्जुब : आश्चर्य ,कामयाब : सफल,बेतरतीब : क्रमहीन
जो सबसे ऊपर होता है ,सबको दिखलाई पड़ता है ,
वो दरअसल होता है एक किरदार ,
जो वह निभा रहा होता है उस ख़ास वक़्त में,
किरदार तो अलग अलग होते हैं ,
एक दिन में कई से लेकर एक उम्र तक में कई तक ,
ताज्जुब तब होता है जब ,
एक वक़्त में एक किरदार के भी कई रंग दिखते हैं,
जो दरअसल बदरंग होते हैं ,
गर कामयाब हो गए ,आप,
इन सात तालों के पीछे छुपे वजूद तक झाँक लेने में ,
तो आप पाएंगे वहां ,
एक शुष्क बंजर ज़मीन ,कंटीली झाड़ियाँ बेतरतीब !!
किरदार : चरित्र,वजूद : व्यक्तित्व,ताज्जुब : आश्चर्य ,कामयाब : सफल,बेतरतीब : क्रमहीन
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें